
Jio IPO: टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platform) ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑफिशियल जानकारी दे दी है। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार जियो का आईपीओ 21 से लेकर 23 अक्टूबर तक के लिए खुलेगा।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बड़े संस्थागत निवेशकों यानी एंकर निवेशकों के लिए 19 अक्टूबर को बोली लगाने का मौका होगा। इसके बाद 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए IPO खुलेगा और 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी ने 14 अक्टूबर, 2026 को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC), गुजरात के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स इस IPO के जरिए अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। कंपनी के अनुसार, ये शेयर IPO के बाद कंपनी की कुल हिस्सेदारी का करीब 2.9 फीसदी होंगे। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये रखी गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के योग्य शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। वहीं, कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। इन शेयरों का आवंटन तय पात्रता और नियमों के मुताबिक होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स के तहत रिलायंस के डिजिटल कारोबार आते हैं। इनमें टेलीकॉम सेवा देने वाली रिलायंस जियो इन्फोकॉम भी शामिल है। जून 2026 तक कंपनी के पास 50.6 करोड़ मोबाइल ग्राहक और 26.85 करोड़ 5G ग्राहक थे। कंपनी का दावा है कि उसका 5G नेटवर्क देश के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का करीब 60 फीसदी संभालता है।
वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 15 फीसदी बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की सालाना कमाई 14.5 फीसदी बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये रही।
15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे आकाश अंबानी जियो के आईपीओ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। कॉन्फ्रेंस में जियो आईपीओ से जुड़े सवालों का जवाब भी देंगे। कंपनी ने जून में शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे। यह रिलायंस समूह का 2008 के बाद पहला IPO होगा और समूह के किसी उपभोक्ता-केंद्रित कारोबार की पहली शेयर बाजार पेशकश होगी।