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गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर AI का ‘सुरक्षा कवच’, हुलिया बदलकर भी नहीं बचेंगे अपराधी

गणतंत्र दिवस 2026 पर कर्तव्य पथ पर AI-स्मार्ट ग्लासेस से हाईटेक निगरानी, पुलिस जवान होंगे मूविंग CCTV, हुलिया बदलकर भी नहीं बचेंगे अपराधी।

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Jan 23, 2026
77वें गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल (Photo - ANI)

देश के गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार सुरक्षा की हाईटेक निगरानी एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से होने वाली है। पहली बार पुलिस फोर्स में एआई-स्मार्ट ग्लासेस तैनात किए जा रहे हैं, जो पुलिस जवानों को 'सुपरहीरो' जैसी पावर देंगे। ये चश्मे फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस), थर्मल इमेजिंग और रीयल-टाइम अलर्ट से लैस हैं। मतलब कोई वांटेड क्रिमिनल मास्क पहनकर या हुलिया बदलकर भी नहीं बच पाएगा। एआई चश्मे लेस जवानों को मुख्य रूप से कर्तव्य पथ (पूर्वी राजपथ) के आसपास भीड़भाड़ वाली जगहों पर तैनात किया जाएगा। परेड रूट, दर्शक क्षेत्र और आसपास की सड़कों पर 'बाज की नजर' रखी जाएगी और इनकी नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा।

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जवान खुद 'मूविंग सीसीटीवी' बनेंगे

ऐसा पहली बार है, जब दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर इतनी एडवांस्ड वियरेबल टेक्नोलॉजी यूज कर रही है। इससे पहले सीसीटीवी, ड्रोन और फेस रिकॉग्निशन कैमरे इस्तेमाल होते थे, लेकिन अब जवान खुद 'मूविंग सीसीटीवी' बन जाएंगे। अधिकारी कहते हैं कि इस एआई तकनीक के आगे कोई भी संदिग्ध गतिविधि छिप नहीं पाएगी।

ऐसे काम करेगा ये हाईटेक चश्मा

  • चश्मे में बिल्ट-इन कैमरा हर चेहरे को स्कैन करता है।
  • इसमें 65000 अपराधियों का डेटाबेस फीड है (पुलिस के क्रिमिनल रिकॉर्ड, प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स और संदिग्धों की लिस्ट)।
  • एआई मैच होने पर तुरंत अलर्ट देता है। पुलिस कंट्रोल रूम तक मैसेज जाता है और जवान एक्शन ले सकते हैं।
  • थर्मल स्कैनिंग से छिपे हथियार या प्रतिबंधित सामान डिटेक्ट होते हैं।
  • चश्मे मोबाइल से कनेक्टेड हैं। पुलिस का स्मार्टफोन स्क्रीन की तरह काम करता है, जहां लाइव फुटेज और अलर्ट दिखते हैं।
Published on:
23 Jan 2026 03:24 am
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