Terror Plot Exposed:गणतंत्र दिवस से पहले खुफिया एजेंसियों ने 'ऑपरेशन 26-26' को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली और कश्मीर में आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है, जानिए क्या है पुलिस की तैयारी।
National security: देश जब 77वें गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारियों में डूबा हुआ है, ठीक उसी समय सरहद पार से एक खौफनाक साजिश की सुगबुगाहट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। खुफिया इनपुट (Intel Input) के अनुसार, पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी ISI और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने मिल कर भारत को दहलाने के लिए एक खतरनाक प्लान (Terror threat in India 26 January)तैयार किया है, जिसे 'ऑपरेशन 26-26' का कोडनेम दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक, इस साजिश का मकसद गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026 security alert) के समारोहों में खलल डालना है। आतंकियों ने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर को अपना मुख्य निशाना बनाने की साजिश रची है। दिल्ली पुलिस ने चित्र जारी किए हैं।
लोन वुल्फ अटैक: ऐसी आशंका है कि आतंकी भीड़भाड़ वाले इलाकों में 'लोन वुल्फ' (अकेले हमलावर) के जरिए वार कर सकते हैं।
ड्रोन का खतरा: सीमा पार से हथियारों और विस्फोटक की सप्लाई के लिए छोटे ड्रोन्स का इस्तेमाल होने की भी सूचना है।
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कई संदिग्ध आतंकियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कोई लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, तो तुरंत इसकी सूचना दें। दिल्ली के प्रवेश द्वारों (बॉर्डर) पर सीसीटीवी कैमरों और फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर के जरिए हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, घाटी में भी सुरक्षा व्यवस्था को लोहे की दीवार जैसा मजबूत कर दिया गया है। खुफिया रिपोर्ट बताती है कि जैश के आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं। सेना और अर्धसैनिक बलों ने संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। गणतंत्र दिवस की परेड वाले स्थानों को मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरे में लिया गया है।
यह अलर्ट केवल एक रुटीन चेतावनी नहीं है, बल्कि '26-26' कोडनेम इस बात का प्रमाण है कि पड़ोसी देश की नापाक हरकतें अब भी जारी हैं। पिछले कुछ समय में भारत ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है, यह हमला उसी का बदला लेने की एक हताश कोशिश नजर आती है। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सक्षम हैं, लेकिन नागरिकों की सतर्कता भी इस समय सबसे बड़ी ढाल है।
सीसीटीवी मैपिंग: अगले 48 घंटों में दिल्ली के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इमारतों की सीसीटीवी मैपिंग पूरी की जाएगी।
बॉर्डर सीलिंग: 25 जनवरी की रात से ही दिल्ली की सीमाएं भारी वाहनों के लिए सील कर दी जाएंगी।
एंटी-ड्रोन सिस्टम: लाल किले के आसपास और राजपथ पर इस बार अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन रडार तैनात किए गए हैं, जो किसी भी उड़ने वाली संदिग्ध वस्तु को जाम कर सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा पहलू 'इंटरनेशनल प्रेशर' भी है। वर्तमान में जब पाकिस्तान आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है, ऐसे में जैश जैसे संगठनों को उकसाकर वह अपने देश की जनता का ध्यान भटकाना चाहता है। साथ ही, 'कोडनेम 26-26' का इस्तेमाल कर वह यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह आज भी भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की क्षमता रखता है। भारत सरकार इस इनपुट को वैश्विक स्तर पर उठा कर पाकिस्तान को एक बार फिर बेनकाब कर सकती है।