
Ritabrata Banerjee on INDIA Bloc Meeting: दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली 'इंडिया ब्लॉक' की बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी की भागीदारी को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी पारा चढ़ गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ ही दिन पहले तक कांग्रेस के साथ संसद में न बैठने का ऐलान करने वाली ममता बनर्जी अब किसके साथ बैठेंगी? उन्होंने कहा कि यह तो आने वाला वक्त ही साफ करेगा कि ममता बनर्जी 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत करने गई हैं या उसके भीतर फूट डालने।
ममता बनर्जी द्वारा हाल में किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि ममता बनर्जी फेसबुक की दुनिया से बाहर निकली हैं। वह बार-बार दावा कर रही थीं कि उन्हें हाउस अरेस्ट यानी घर में नजरबंद रखा गया है। अगर वे वाकई हाउस अरेस्ट थीं, तो वे और अभिषेक बनर्जी अपने घर से एयरपोर्ट कैसे पहुंच गए? यह एक बहुत बड़ा और वाजिब सवाल है जिसका जवाब उन्हें जनता को देना चाहिए। ऋतब्रत ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राष्ट्रविरोधी ताकतों का मुखपत्र बन चुकी हैं।
TMC और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि जब कांग्रेस ने नंदीग्राम और रेजीनगर के लिए TMC के सीट शेयरिंग प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, तो ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि वह संसद में कांग्रेस के साथ बैठेंगी भी नहीं। ऋतब्रत ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी अभी कह रहे हैं कि ममता बनर्जी रेजीनगर में कांग्रेस उम्मीदवार का ज़ोरदार विरोध कर रही हैं। ऐसे में, दिल्ली की बैठक में वह किसके साथ बैठेंगी, कांग्रेस नेतृत्व के साथ या CPM नेतृत्व के साथ? यह देखना बहुत दिलचस्प होगा।
ममता बनर्जी की CPM नेता एमए बेबी (मरियम अलेक्जेंडर बेबी) के बीच लंबी बातचीत पर तंज कसते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पहले वामपंथी दल खुद कहते थे कि ममता बनर्जी पर भरोसा नहीं किया जा सकता और वे गठबंधन को अंदर से कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब जब ममता बनर्जी CPM महासचिव के साथ लंबी बातचीत कर रही हैं, तो CPM को मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए कि आने वाले चुनाव में उन्हें दीवारों पर ऐसे नारे लिखने पड़ सकते हैं जिनमें लोगों से ममता बनर्जी को वोट देने की अपील की गई हो।
ऋतब्रत बनर्जी ने आगे कहा कि खुद 'इंडिया' गठबंधन के भीतर से यह बार-बार ऐसे आरोप सामने आते रहे हैं कि ममता बनर्जी गठबंधन को बांटने वाली कड़ी हैं और उनका निजी राजनीतिक एजेंडा अलग है। ऋतब्रत ने कहा कि इस मामले पर केवल के.सी. वेणुगोपाल या CPM नेता ही बेहतर रोशनी डाल सकते हैं। लेकिन इतना तय है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी गठबंधन को मजबूत करने गए हैं या इसमें और बड़ी दरार पैदा करने, इसका फैसला सिर्फ आने वाला समय ही करेगा।