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स्कूलों में दीप जलाने के फरमान पर भड़की राजद, पूछा- क्या बिहारवासी नरेंद्र मोदी के नौकर हैं?

RJD on Seva Sankalp Abhiyan: राष्ट्रीय जनता दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर होने वाले 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। RJD के आधिकारिक अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में सरकारी विभागों और कर्मचारियों के जरिए प्रधानमंत्री का महिमामंडन करने पर सवाल उठाए गए हैं।
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Sep 16, 2026
tejashwi yadav RJD on Aashirwad Ka Diya
राजद नेता तेजस्वी यादव (फोटो- tejashwi yadav X)

RJD on Aashirwad Ka Diya: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम को लेकर बिहार में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार सरकार और BJP पर निशाना साधा है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकारी आदेश शेयर करते हुए RJD ने सरकारी विभागों और कर्मचारियों से प्रधानमंत्री का गुणगान करवाने के कदम पर सवाल उठाए।

RJD ने उठाए सवाल

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से सरकारी आदेशों की कॉपी शेयर करते हुए RJD ने लिखा, "क्या बिहार के लोग नरेंद्र मोदी के नौकर हैं? क्या बिहार शिक्षा विभाग, अन्य सरकारी विभाग या सरकारी कर्मचारी सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान करने के लिए हैं? क्या BJP-JDU सरकार ने कभी विभागीय कर्मचारियों के काम में लगन, ईमानदारी और तत्परता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निर्देश जारी किए? क्या भारत के किसी प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में कभी यह सुनिश्चित किया है कि उनके जन्मदिन पर सरकारी खर्च पर दफ्तरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं?"

राज्य में बाढ़ से हुई तबाही का जिक्र करते हुए पोस्ट में आगे लिखा, "जिस प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित बिहार के लोगों को राहत देना तो दूर, दिलासा या सांत्वना का एक शब्द भी नहीं कहा, वह प्रधानमंत्री और उनके चमचे यह कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि बाढ़ से जूझ रहे बिहार के लोग उनके जन्मदिन पर दीये जलाएं? कोई व्यक्ति इतना आत्म-मुग्ध और बेरहम कैसे हो सकता है? किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य इतने बड़े चाटुकार कैसे हो सकते हैं? कुछ तो गरिमा और मर्यादा बनाए रखें।"

स्कूलों में दिया जलाने का निर्देश

विवाद का केंद्र बने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (दानापुर) के कार्यालय आदेश में निर्देश दिया गया है कि 17 सितंबर की शाम 6:00 से 7:00 बजे के बीच सभी प्राथमिक, मध्य, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में 'आशीर्वाद का दीया' जलाया जाए।

RJD द्वारा साझा किए गए आदेश की कॉपी के अनुसार, जलाए जाने वाले दीयों की जरूरी संख्या प्राथमिक स्कूलों के लिए कम से कम 25, मध्य स्कूलों के लिए 40, उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए 50–100 और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिए 100–150 है। इसके अलावा, आदेश में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षकों और छात्रों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और तस्वीरें व वीडियो व्हाट्सएप के जरिए शिक्षा कार्यालय में भेजे जाएं।

सरकारी संस्थानों में दीये जलाने का निर्देश

वहीं, समस्तीपुर जिला विकास शाखा ने एक आदेश जारी कर सेवा संकल्प अभियान के तहत हर स्तर पर जिम्मेदारियां तय की हैं। इस आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी को सभी सरकारी स्कूलों में शाम को दीये जलवाना सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी को सभी पंचायत भवन परिसरों में, जिला कार्यक्रम अधिकारियों को अमृत सरोवरों पर, सहायक निदेशक को सभी बुनियाद केंद्रों पर, DPM को जीविका केंद्रों पर और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनवाड़ी केंद्रों पर दीये जलवाने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC/HWC), सामुदायिक भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में भी दीये जलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। ब्लॉक विकास अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित करें और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को अपने घरों और दुकानों पर दीये जलाने के लिए प्रोत्साहित करें।

तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल

इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस कार्यक्रम को संवेदनहीनता की पराकाष्ठा करार दिया था। तेजस्वी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि एक तरफ बिहार के 49 लाख से अधिक लोग बाढ़ से परेशान हैं और उनके लिए सरकार के पास राहत राशि नहीं है, वहीं दूसरी तरफ केवल प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आशीर्वाद का दीया जलाने के नाम पर गरीब राज्य का 100 करोड़ रुपया तेल-बाती और इवेंट मैनेजमेंट में फूंका जा रहा है।

Updated on:
17 Sept 2026 04:09 pm
Published on:
16 Sept 2026 08:53 pm