जनकपुरी में निर्माण कार्य के दौरान खुले गड्ढे में गिरने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। घटना ने दिल्ली में सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और निर्माण कार्यों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने राजधानी में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब दिल्ली और एनसीआर में खुले गड्ढों और अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। जनकपुरी जिला केंद्र क्षेत्र में एक बाइक सवार सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिर गया, जहां उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान कमल के रूप में हुई है, जो अपनी अपाचे आरटीआर 200 बाइक से यात्रा कर रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में उसका शव गड्ढे के तल में बाइक के पास पड़ा दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि कमल ने हेलमेट, राइडिंग जैकेट और ग्लव्स पहन रखे थे, इसके बावजूद वह हादसे में नहीं बच सका। शुरुआती जानकारी के अनुसार सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े निर्माण कार्य के कारण गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसे ठीक से कवर या चिन्हित नहीं किया गया था।
परिजनों के मुताबिक कमल ने आखिरी बार फोन पर बताया था कि वह जनकपुरी जिला केंद्र इलाके में है। इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया और उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा। परेशान परिवार ने उसे ढूंढने के लिए कई पुलिस थानों के चक्कर लगाए। पुलिस ने लोकेशन डिटेल्स साझा कीं, लेकिन काफी देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। कई घंटों बाद परिवार को सूचना दी गई कि कमल का शव उसी इलाके में एक गड्ढे से बरामद हुआ है, जिससे परिवार सदमे में है।
इस घटना के सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक निर्दोष बाइक सवार खुले गड्ढे में गिरा, पूरी रात वहीं फंसा रहा और उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा हादसे से भी कोई सबक नहीं लिया गया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नोएडा के सेक्टर 150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की भी इसी तरह पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी।