
Rohini Acharya Bihar Visit: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य इन दिनों बिहार में हैं। अपने माता-पिता से मिलने पटना पहुंचीं रोहिणी ने अपने मामा साधु यादव से भी उनके घर पर मुलाकत की, जिसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने इसे पूरी तरह से स्वाभाविक और पारिवारिक रिश्तों का मामला बताया। उन्होंने कहा कि मामा और भांजी के बीच का रिश्ता गहरा और पुराना होता है, ऐसे में ससुराल से मायके लौटने के बाद मामा से मिलना पूरी तरह से स्वाभाविक है और इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
रोहिणी आचार्य और पूर्व सांसद साधु यादव की मुलाकात को लेकर मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, "भांजी अपने मामा से मिलने क्यों नहीं जाएगी? मामा और भांजी का रिश्ता बहुत पुराना है। साधु यादव ने हमेशा उन्हें अपनी बेटी की तरह समझा है, उनका लालन-पालन किया और दुलार दिया है। रोहिणी लंबे अरसे बाद अपनी ससुराल से मायके आई हैं, तो वे अपने पिता, माता और मामा समेत परिवार के सभी लोगों से मिल रही हैं। जब भी कोई लंबे समय बाद बाहर से अपने गांव या घर लौटता है, तो क्या वह अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों से मिलने नहीं जाता?"
रोहिणी आचार्य के साथ हुई मुलाकात के सियासी मायने निकाले जाने पर साधु यादव ने साफ किया कि कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई थी। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, "हमारी बेटी रोहिणी घर आई हैं। हमारा रिश्ता मामा-भतीजी का है। जब वह फिर से छपरा से चुनावी मैदान में उतरेंगी, तो जरूर जीतेंगी और हम सब मिलकर उनका पूरा समर्थन करेंगे।"
रोहिणी आचार्य और उनके मामा साधु यादव के बीच हुई मुलाकात राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि साधु यादव सालों से लालू परिवार और ख़ासकर तेजस्वी यादव के राजनीतिक फैसलों के आलोचक रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट पर रोहिणी की उम्मीदवारी से लेकर पारिवारिक फैसलों तक साधु यादव लगातार लालू परिवार के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं।
साधु यादव ने तेजस्वी यादव की शादी के समय भी उनकी आलोचना की थी। उस विवाद के दौरान, रोहिणी आचार्य ने अपने मामा साधु यादव को 'कंस मामा' तक कह दिया था। इस इतिहास को देखते हुए, सिंगापुर से लंबे समय बाद पटना लौटने पर रोहिणी आचार्य का साधु यादव के घर जाना और वहां उनके साथ खाना खाना चर्चा का विषय बन गया है।
परिवार में मनमुटाव और दूरियों की अटकलों पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि परिवारों में ऐसी बातें समय-समय पर होती रहती हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी बच्चे अपने माता-पिता से थोड़े नाराज हो जाते हैं। लेकिन अगर पिता बुलाएं और दिल में माता-पिता के लिए सच्चा प्यार हो, तो इंसान बाकी सब कुछ छोड़कर तुरंत लौट आता है। रोहिणी जी भी बाकी सब कुछ छोड़कर घर लौटी हैं। यह बहुत अच्छी बात है कि वह वापस आ गई हैं, और उनका पूरे दिल से स्वागत है।"
परिजनों से मुलाकात के बाद रोहिणी आचार्य ने पटना स्थित गौशाला में गायों की सेवा करते हुए अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। गायों के साथ तस्वीरें पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, "पटना की अपनी बेहद निजी और पारिवारिक यात्रा के दौरान, अपनी गौशाला में अपने प्रिय पशुओं के बीच। इंसानी भाषा न बोल पाने के बावजूद, ईश्वर ने उन्हें ऐसी समझ दी है जो इंसानों को नहीं दी, ऐसे पल मेरे लिए हमेशा बहुत खास और सुकून देने वाले होते हैं।"