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विजयादशमी और आरएसएस के 96वें स्थापना दिवस पर मोहन भागवत ने किया भारत में जनसंख्या नीति का समर्थन

आज आरएसएस विजयादशमी के साथ ही अपना 96वां स्थापना दिवस भी मना रहा है। इस मौके पर मोहन भागवत ने अपने भाषण में भारत में जनसंख्या नीति का समर्थन किया है।
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RSS Chief Mohan Bhagwat Supports Population Control Plan In India

नई दिल्ली। आज भारत में विजयादशमी (दशहरा) का त्योहार मनाया जा रहा है। आज के इस दिन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लिए विजयादशमी के साथ ही एक और बड़ा दिन भी है। आज 15 अक्टूबर 2021 के दिन आरएसएस का 96वां स्थापना दिवस भी है। ऐसे में इस साल स्थापना दिवस के अवसर पर आरएसएस ने हर साल की तरह श्री विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अनेक विषयों के बारे में संबोधित करने के साथ ही मोहन भागवत ने भारत में जनसंख्या नियंत्रण और जनसंख्या नीति पर भी अपने विचार व्यक्त किए।

भारत में जनसंख्या असंतुलन

मोहन भागवत ने कहा कि बॉर्डर से जुड़े हुए राज्यों में घुसपैठ से देश में जनसंख्या का संतुलन बिगड़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा की 1951-2011 के दौरान देश में जनसंख्या बढ़ने में असंतुलन के कारण भारत में पैदा हुए मत पंथों के अनुयायियों की जनसंख्या का अनुपात 88% से घटकर 83.8 % रह गया है और मुस्लिम जनसंख्या का अनुपात 9.8% से बढ़कर 14.24% हो गया और पिछले 10 सालों में यह और बढ़ा है। मोहन भागवत ने मुस्लिम जनसंख्या में इस तेज़ वृद्धि को जनसंख्या असंतुलन का कारण और इसे देश के लिए नुकसानदायक बताया है।

जनसंख्या नीति है ज़रूरी

मोहन भागवत ने भारत में जनसंख्या नीति को ज़रूरी बताया है। उन्होंने कहा की अगर तेजी से जनसंख्या बढ़ेगी तो पर्यावरण के लिए भी इसे झेल पाना मुश्किल होगा। ऐसे में जनसंख्या में वृद्धि और असंतुलन देश के लिए बड़ी समस्या है और इसे रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण ज़रूरी है। इसलिए भारत में जनसंख्या नीति की ज़रूरत है और और यह नीति 50 साल आगे तक की सोचकर बनाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा की बॉर्डर से जुड़े राज्यों में होने वाली घुसपैठ को भी रोका जाना चाहिए जिससे जनसंख्या असंतुलन घटेगा और जनसंख्या नियंत्रण में मदद मिलेगी।

Published on:
15 Oct 2021 11:27 am