वृंदावन में आरएसएस की सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक शुरू। सरसंघचालक मोहन भागवत ने 'लव जिहाद' और 'अवैध प्रवासन' पर कड़ा संदेश देते हुए हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया। जानें शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और योगी-शाह की संभावित मुलाकात का पूरा विवरण।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के पहले दिन ‘लव जिहाद’, अवैध प्रवासन और हिंदुओं के एकीकरण जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। रविवार से वृंदावन में शुरू हुई इस अहम बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया और समाज में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
भागवत ने हिंदू समाज में बढ़ते विभाजन पर चिंता जताई और कहा कि देश की मजबूती हिंदुओं की एकता से ही संभव है। उन्होंने संघ कार्यकर्ताओं से हर घर तक पहुंचकर लोगों को एकजुट रहने के महत्व को समझाने का आह्वान किया।
आरएसएस प्रमुख ने ‘लव जिहाद’ को लेकर भी सतर्क रहने की बात कही और समाज को जागरूक करने पर बल दिया। बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी के बीच संगठनात्मक, सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार और अवैध घुसपैठ जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल हैं।
बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा होगी, जिनका समापन विजयादशमी तक प्रस्तावित है। शताब्दी समारोह की शुरुआत पिछले वर्ष विजयादशमी से हो चुकी है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की आरएसएस प्रमुख से मुलाकात की संभावना भी जताई जा रही है। मोहन भागवत 10 जनवरी से नाभापीठ सुदामा कुटी के शताब्दी समारोह का शुभारंभ भी करेंगे।