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रेलवे का ‘मिशन 48’: जयपुर, इंदौर और भोपाल समेत ये शहर बनेंगे ‘रेल नगरी’, अब स्टेशन ही नहीं, रेल सुविधाएं भी होंगी दोगुनी

रेलवे के मेगा मास्टर प्लान के तहत अब जयपुर, इंदौर, भोपाल और रायपुर समेत देश के 48 प्रमुख शहर 'रेल नगरी' के रूप में विकसित होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की इस योजना से स्टेशनों की क्षमता दोगुनी होगी, नई ट्रेनें चलेंगी और यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। जानें आपके शहर में क्या-क्या बदलेगा और कौन से 48 शहर इस लिस्ट में शामिल हैं

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Ashwini Vaishnaw

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (AI Generated Image)

Indian Railways Hub Development: आने वाले पांच साल में जयपुर, जोधपुर, भोपाल, इंदौर, रायपुर, उज्जैन 'रेलनगरी' बन जाएं तो चौंकिएगा नहीं। रेलनगरी इस रूप में कि इन स्टेशनों की यात्री सुविधाओं, कनेक्टिविटी, ट्रेनों और यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। देश के किसी भी बड़े शहर के लिए इन स्टेशनों के लिए रेल सेवा सुलभ हो सकती है। दरअसल रेलवे ने नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जयपुर, जोधपुर, भोपाल, इंदौर, रायपुर और उज्जैन समेत 48 प्रमुख शहरों को रेलवे हब के रूप में विकसित की योजना तैयार की है। इस योजना के परवान चढ़ने पर इन शहरों में रेलवे स्टेशनों की सभी क्षमताएं और सुविधाएं दोगुनी की जाएगी।

देश में रेल यात्रा की मांग में तेजी से बढ़ोतरी नई रेल गाडि़यों के संचालन की क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करना जरूरी माना गया है। ऐसे में स्टेशनों की वर्तमान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रेलवे अपने मास्टर प्लान के तहत काम कर रहा है। इसके तहत टर्मिनलों की क्षमता बढ़ाने के दौरान संबंधित शहर के आसपास के स्टेशनों को भी ध्यान में रखा जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस योजना पर सीधे ध्यान दे रहे हैं।

ज्यादा मिलेंगी सब-अरबन और लंबी दूरी की ट्रेनें

एक शहर से दूसरे शहर या लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक्सप्रेस, मेल, वंदे भारत या सुपरफास्ट ट्रेनों की संख्या बढ़ाना तय किया है। इसके लिए बेहतर प्लेटफॉर्म और टर्मिनल, आरामदायक प्रतीक्षालय विकसित होंगे। योजना में उपनगरीय रेल भी शामिल हैं जिसके विस्तार से मुंबई, दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य कुछ अन्य शहरों में ज्यादा फेरे (फ्रीक्वेंसी) वाली लोकल ट्रेनें चल सकेगी। साथ ही भीड़ संभालने के लिए चौड़े प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर आदि सुविधाएं विकसित होंगी।

ये काम होंगे

  • हर जगह के लिए नई ट्रेनें और इसके लिए क्षमता निर्माण
  • शहरों और उनके आसपास नए रेलवे टर्मिनल बनाए जाएंगे
  • मौजूदा टर्मिनलों पर नए प्लेटफॉर्म जोड़े जाएंगे, सिग्नलिंग सिस्टम अपडेट होगा
  • ट्रेनों को खड़ा करने, साफ-सफाई और तैयार रखने के लिए लाइन व सुविधाओं का विस्तार
  • ट्रेनों के रखरखाव के लिए मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स सहित आधुनिक सुविधाएं
  • आवश्यकतानुसार मल्टीट्रैकिंग का निर्माण
  • सभी काम तीन चरणों में ताकि जल्दी लाभ मिलना शुरू हो

ये 48 शहर शामिल

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, पुणे, नागपुर, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, अयोध्या, आगरा, पं.दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, वडोदरा, सूरत, मडगांव, कोचीन, पुरी, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति, हरिद्वार, गुवाहाटी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, मैसूर, कोयंबटूर, टाटानगर, रांची और बरेली।

नेटवर्क बेहतर होगा, संपर्क सुविधा में सुधार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कदम से हमारे रेलवे नेटवर्क का उन्नयन होगा और राष्ट्रव्यापी संपर्क सुविधा में सुधार होगा। यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और भीड़ भाड़ को कम करने के लिए विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार कर रहे हैं। सुविधाओं के साथ अनुभागीय एवं परिचालन क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं।

वर्तमान क्षमता

  • जयपुर जंक्शन: करीब 35 से 40 हजार यात्री, 200 ट्रेनों का आना जाना
  • रायपुर: करीब 40 से 50 हजार यात्री, 110 ट्रेनों का आना जाना