23 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘मेरी सास मर जाए’…कर्नाटक के मंदिर के दान पात्र में मिली अनोखी चिट्ठी, साथ में रखा 100 रुपये का नोट

कर्नाटक के बेलगावी जिले के हुलीकुंटेश्वर मंदिर में जत्रा के बाद दानपात्र से 100 रुपये के नोट पर सास की मौत की प्रार्थना मिली। इस असामान्य संदेश ने मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को चौंका दिया है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Feb 23, 2026

temple

मंदिर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आमतौर पर लोग मंदिरों में लंबी उम्र, अच्छा स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना लेकर पहुंचते हैं। धार्मिक स्थलों के दानपात्र में अक्सर संतान सुख, नौकरी, शांति और समृद्धि जैसी इच्छाएं लिखी पर्चियां मिलती हैं। लेकिन कर्नाटक के बेलगावी जिले में स्थित हुलीकुंटेश्वर मंदिर में हाल ही में एक ऐसी प्रार्थना मिली, जिसने मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया। मंदिर में हाल ही में आयोजित वार्षिक जत्रा के बाद जब दानपात्र खोला गया और चढ़ावे की गिनती शुरू हुई, तो कर्मचारियों को एक सौ रुपये का नोट मिला। इस नोट पर हाथ से लिखा एक संदेश था, जिसमें किसी ने भगवान से अपनी सास की मौत की प्रार्थना की थी।

चिट्ठी में लिखा, मेरी सास को उठा लो

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, दानपात्र में रखे 100 रुपये के नोट पर लिखा था, 'भगवान, मेरा दुख दूर करो। मेरी सास को अगली जत्रा से पहले उठा लो।” इस संदेश को पढ़कर दान गिनने वाले कर्मचारी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए। आमतौर पर दानपात्र में सकारात्मक और आशावादी प्रार्थनाएं मिलती हैं, लेकिन किसी की मृत्यु की कामना करने वाला संदेश बेहद दुर्लभ है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस तरह की चिट्ठी पहले कभी नहीं मिली। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह संदेश किसी बहू ने लिखा था या दामाद ने, क्योंकि उसमें न तो नाम था और न ही कोई अन्य पहचान संबंधी जानकारी।

मामले की औपचारिक जांच नहीं होगी

मामला सामने आने के बाद मंदिर परिसर में इसकी चर्चा तेज हो गई। हुलीकुंटेश्वर मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालु आमतौर पर संतान प्राप्ति, नौकरी, व्यापार में तरक्की, परिवार की सुरक्षा और मानसिक शांति की कामना करते हैं। किसी रिश्तेदार की मौत की इच्छा व्यक्त करना धार्मिक भावना के लिहाज से असामान्य और चिंताजनक माना जा रहा है। मंदिर प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि दानपात्र में डाली गई राशि और पर्चियां गोपनीय मानी जाती हैं, इसलिए इस मामले में कोई औपचारिक जांच शुरू नहीं की गई है। हालांकि, इस घटना ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और पारिवारिक विवादों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सामाजिक संकेत और पारिवारिक तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भले ही एक अलग और निजी भावनात्मक प्रतिक्रिया हो, लेकिन यह समाज में पारिवारिक रिश्तों के जटिल होते स्वरूप की ओर इशारा करती है। सास बहू के रिश्ते को लेकर अक्सर कहानियां और विवाद सामने आते रहे हैं, परंतु इस तरह सार्वजनिक रूप से मौत की कामना करना असाधारण है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से सकारात्मक सोच और सद्भावना बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल यह 100 रुपये का नोट चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे हैरानी और चिंता दोनों के नजरिए से देख रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग