राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) जर्मनी की राजधानी बर्लिन में प्रमुख नीति शोध संस्थानों के साथ विचार-विमर्श किया और भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विदेश में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों से खास अपील की है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जर्मनी की राजधानी बर्लिन के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने जर्मनी के प्रमुख नीति शोध संस्थानों के साथ विचार-विमर्श किया और भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद किया। होसबाले ने जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स (SWP), कॉनराड एडेनॉयर फाउंडेशन तथा बर्लिन प्रतिनिधि सभा (अबगे ओर्डनेटेनहाउस) के सदस्यों के साथ विस्तृत बातचीत की।
जर्मनी के प्रमुख में संवाद के दौरान दत्तात्रेय होसबाले ने आरएसएस (RSS) के भविष्य के विजन पर प्रकाश डाला। होसबाले ने कहा कि RSS का अगले 100 वर्षों का लक्ष्य हर स्तर पर जिम्मेदार, सकारात्मक और टिकाऊ समाज का निर्माण करना है। उन्होंने जर्मनी में रह रहे भारतीय प्रवासियों से अपील की कि वे जिस देश में रह रहे हैं, उसके सामाजिक और आर्थिक ढांचे में सक्रिय और सकारात्मक योगदान दें।
RSS की भूमिका के बारे में बताते हुए होसबाले ने कहा कि यह विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शिक्षा, सेवा कार्यों और सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से सामुदायिक विकास, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण में निरंतर कार्यरत है। दत्तात्रेय होसबाले का यह दौरा RSS की वैश्विक स्तर पर अपनी विचारधारा और कार्यों को समझाने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने 24 अप्रैल को अमेरिका के 'हडसन इंस्टीट्यूट' में आयोजित एक कार्यक्रम में संवाद किया था। इस दौरान दत्तात्रेय होसबाले ने अमेरिका के लोगों को भारत के लिए फैलाई जा रही भ्रांतियों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था- आम धारणा यह है कि भारत अत्यधिक आबादी वाला, झुग्गी-झोपड़ियों, गरीबी, सपेरों और साधु-संतों से भरा हुआ देश है। वास्तविकता यह है कि भारत एक प्रमुख टेक हब है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
होसबाले ने जोर दिया कि आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्य एक साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं। RSS के सेवा कार्यों का जिक्र करते हुए सर कार्यवाह ने बताया कि संगठन के स्वयंसेवक आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में सबसे आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि RSS का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और राष्ट्र को एकजुट बनाए रखना है।