स्वेदेशी जागरण मंच की तीन दिवसीय राष्ट्रीय सभा के आखिरी दिन एक बार फिर अमेजन, फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट के खिलाफ आवाज उठती हुई नजर आई.
RSS Attack Amazon & Flipkart: स्वेदेशी जागरण मंच की तीन दिवसीय राष्ट्रीय सभा के आखिरी दिन एक बार फिर अमेजन, फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट के खिलाफ आवाज उठती हुई नजर आई. दरअसल, इस राष्ट्रीय सभा के आखिरी दिन अमेजन, फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया. उन्होंने कहा कि कहा कि भारत में इन कंपनियों के संचालन की अनुमति केंद्र सरकार वापस ले. इन विदेशी कंपनियों से भारत के छोटे और मझौले उद्योगों को काफी नुकसान पहुंचता है और यह उनके लिए काफी हानिकारक है. स्वदेश जागरण मंच और आरएसएस पत्रिका पांचजन्य ने कथित भ्रष्ट प्रथाओं और भारत में ईसाई का बढ़ावा देने के लिए बी अमेजन पर हमला किया था.
कंपनियों को दी गई अनुमतियां वापस ले सरकार
26 दिसंबर को संपन्न हुई अपनी दो दिवसीय राष्ट्रीय सभा के दौरान 'अमेजन, फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट को भारत में संचालित करने के लिए निकासी अनुमतियां' शीर्षक से एक प्रस्ताव में, एसजेएम ने कहा, "इन कंपनियों को दी गई सभी अनुमतियों को तुरंत वापस ले लिया जाए और उनकी सभी गतिविधियों को अवैध घोषित किया जाए." कंपनियों के मामलों की सीबीआई जांच की मांग करते हुए, एसजेएम ने कहा, “जैसे ही इन कंपनियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त करने वाले उच्च कार्यालयों में बैठे लोगों सहित सरकारी अधिकारियों का पता चलता है, उन्हें छुट्टी पर भेजा जाना चाहिए. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की सुविधा; और उनके अपराधों के लिए दण्ड दिया जाए.
पांचजन्य ने उठाया था इन कंपनियों पर सवाल
RSS की पत्रिका पांचजन्य ने अमेजन और वॉलमार्ट / फ्लिपकार्ट जैसी बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में अनियंत्रित रूप से उल्लंघन और संचालन कर रही हैं. यह सर्वविदित है कि Amazon और Flipkart के पास ऑनलाइन स्पेस का 80% हिस्सा है. उनके द्वारा दी जा रही छूट ऑफलाइन बाजारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. वे आम जनता को इस तरह के प्रस्तावों को संप्रेषित करने के लिए आक्रामक रूप से विज्ञापन देकर, उच्च छूट की पेशकश करके ग्राहकों को लुभा रहे हैं.