
CJP SFJ Link Allegation: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के बीच कथित संबंधों की जांच की मांग उठी है। RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय, चुनाव आयोग, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और महाराष्ट्र सरकार समेत कई एजेंसियों को शिकायत भेजी है। उन्होंने पन्नू और CJP के कथित संबंधों, संगठन के पंजीकरण, टैक्स मामलों और उससे जुड़े एक व्यक्ति की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 22 जुलाई को पन्नू ने CJP के प्रदर्शन को लेकर 10 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की थी।
सूरत में मीडिया से बातचीत के दौरान अमित तिवारी ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को भेजी शिकायत में SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका दावा है कि 22 जुलाई को पन्नू ने घोषणा की थी कि यदि CJP का कार्यक्रम या विरोध प्रदर्शन रद्द नहीं हुआ और उसे हिंसक तरीके से आगे बढ़ाया गया तो वह 10 लाख डॉलर का इनाम देगा। तिवारी ने कहा कि इसी आधार पर उन्होंने मामले की जांच की मांग की है।
अमित तिवारी का दावा है कि उन्होंने अपनी शिकायत के साथ प्रिंट मीडिया की रिपोर्ट, विभिन्न मंचों पर दिए गए बयान और पन्नू का करीब 2 मिनट 50 सेकेंड का ऑनलाइन लाइव वीडियो भी सबूत के तौर पर जमा किया है। उनके मुताबिक, इस वीडियो में पन्नू ने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बाधा डालने और CJP के विरोध प्रदर्शन को आगे जारी रखने से जुड़े बयान दिए हैं। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से इन सामग्रियों की जांच करने का अनुरोध किया है।
अमित तिवारी ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) किसी भी स्तर पर पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है लेकिन इसके बावजूद वह राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि संगठन प्रवक्ताओं की नियुक्ति कर रहा है और अपने सदस्यों से इस्तीफे भी ले रहा है।
इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और GST विभाग में भी शिकायत देकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की तरफसे 1 करोड़ रुपये की कानूनी फीस देने की घोषणा की जांच की मांग की है। तिवारी का दावा है कि यदि एक वकील किसी तीसरे व्यक्ति की ओर से दूसरे वकील को फीस देता है तो उस पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) के तहत GST लागू हो सकता है। उनके अनुसार, इस मामले में करीब 18 लाख रुपये की GST देनदारी बनती है।
सिख फॉर जस्टिस (SFJ) एक अलगाववादी संगठन है, जो भारत से अलग खालिस्तान बनाने की मांग करता है। भारत सरकार ने 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू को भी भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया है।
फिलहाल यह मामला RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी की शिकायत और उनके सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने CJP और SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं, CJP, कपिल सिब्बल या अन्य संबंधित पक्षों की तरफ से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।