मॉस्को में रूस के टॉप मिलिट्री इंटेलिजेंस अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर गोली चलाने वाला संदिग्ध दुबई में पकड़ा गया। FSB ने उसे गिरफ्तार कर रूस प्रत्यर्पित किया। अदालत ने आरोपी को पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
मॉस्को में रूस के सबसे टॉप मिलिट्री इंटेलिजेंस ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर गोली चलाने वाला संदिग्ध पकड़ा गया है। रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने बताया है कि संदिग्ध उनकी गिरफ्तार में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अधिकारियों ने संदिग्ध को दुबई में पकड़ा है। अब उसे दुबई से रूस प्रत्यर्पित किया गया है। अदालत ने सुनवाई कर आरोपी को पुलिस कस्टडी में भी भेज दिया है।
जनरल पर 6 फरवरी को एक अनजान हमलावर ने अचानक गोलियां बरसा दीं। जिसके बाद घायलावस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले की आधिकारिक जानकारी जांच कमेटी की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने दी थी।
उन्होंने बताया था कि उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक रिहाइशी इमारत के बाहर जनरल को निशाना बनाया गया था। 64 साल के एलेक्सेयेव 2011 से रूस की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी के पहले डिप्टी हेड के तौर पर काम कर रहे थे।
एफएसबी ने बताया कि लेफ्टिनेंट-जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को निशाना बनाने वाले 65 साल के हमलावर ल्युबोमिर कोरबा को दुबई से हिरासत में लेकर रूस को सौंप दिया गया।
उसे कोर्ट के सामने पेश कर पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। एक कोर्ट प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी तास को बताया- कोर्ट ने एक इन्वेस्टिगेटिव कमेटी ऑफिसर की उस अर्जी को मंजूर कर लिया है जिसमें कोरबा को हिरासत में रखने की मांग की गई थी।
तास ने एफएसबी के हवाले से ये भी बताया है कि बंदूकधारी की एक संदिग्ध महिला साथी यूक्रेन भाग गई है। हमले के बाद, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आरोप लगाया था कि हत्या की कोशिश के पीछे यूक्रेन का हाथ है।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता में व्यवधान डालने के लिए ऐसा किया गया था। वहीं, यूक्रेन ने कहा कि गोलीबारी से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
दरअसल, जीआरयू चीफ और घायल जनरल के बॉस एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव अबू धाबी में यूक्रेन के साथ संभावित शांति समझौते के सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर बातचीत में रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।