
S Jaishankar on Africa Day: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित अफ्रीका दिवस समारोह में कहा कि अफ्रीका भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत और अफ्रीकी देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों पक्ष साझा विकास, आपसी सम्मान और दीर्घकालिक सहयोग के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है जबकि अफ्रीका एजेंडा 2063 के तहत अपने विकास का रोडमैप तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की विकास यात्रा एक-दूसरे की पूरक है और भविष्य में सहयोग के नए अवसर पैदा करेगी।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाया जाना दोनों पक्षों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक कदम था। उनके मुताबिक, यह फैसला भारत की ग्लोबल साउथ और अफ्रीका के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि भारत की अफ्रीका नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2018 में युगांडा की संसद में बताए गए कंपाला सिद्धांतों पर आधारित है। इनका उद्देश्य अफ्रीकी देशों की जरूरतों के अनुसार विकास साझेदारी को आगे बढ़ाना है।
जयशंकर ने कहा कि भारत अफ्रीका के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना चाहता है। भारतीय कंपनियों को अफ्रीकी देशों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने की दिशा में काम होगा।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी डिजिटल तकनीक और अनुभव को अफ्रीका के साथ साझा करेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। कृषि क्षेत्र में भी दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे ताकि अफ्रीका की उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अफ्रीका आतंकवाद, उग्रवाद और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाएंगे। दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित एवं खुले समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए भी साथ काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका को भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का मैदान नहीं बल्कि युवाओं की आकांक्षाओं का केंद्र बनना चाहिए। साथ ही उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत और अफ्रीका की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बराबर महत्व मिलना चाहिए।
जयशंकर ने बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच 150 से अधिक उच्चस्तरीय दौरे हुए हैं। भारत ने हाल के वर्षों में 17 नए राजनयिक मिशन खोलकर अफ्रीका में अपनी उपस्थिति बढ़ाकर 46 देशों तक पहुंचा दी है।