
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात करते भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री। (फोटो: IANS/X/@IndiainSL)
India-Sri Lanka Relations: भारत और श्रीलंका के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम प्रगति हुई है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री के श्रीलंका दौरे के दौरान दोनों देशों ने सुरक्षा, विकास और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की है। इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि श्रीलंका की धरती का इस्तेमाल भारत की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आश्वासन दिसंबर 2024 में जारी भारत-श्रीलंका संयुक्त बयान के अनुरूप है। भारत का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।
विक्रम मिस्री ने श्रीलंका के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के दौरान भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और 'विजन महासागर' के तहत श्रीलंका के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने चल रही विकास परियोजनाओं और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा भी की है।
बैठक में रेलवे, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और अन्य विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने भारतीय रुपये (INR) में रेलवे परियोजनाओं के लिए 250 मिलियन डॉलर और पशुपालन व अन्य प्राथमिक जरूरतों के लिए 100 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) से जुड़े समझौतों का स्वागत किया।
विदेश सचिव और श्रीलंकाई नेतृत्व के बीच बिजली ग्रिड इंटरकनेक्शन, संपूर सौर ऊर्जा परियोजना और त्रिंकोमाली को ऊर्जा हब के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाने पर सहमति जताई।
विक्रम मिस्री ने श्रीलंका में हिरासत में रखे गए भारतीय मछुआरों और उनकी नौकाओं की जल्द रिहाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले में श्रीलंका से सहयोग का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए चल रही परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की अपील की। उन्होंने 2017 में घोषित 10 हजार घरों के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
विदेश सचिव ने श्रीलंका से जल्द प्रांतीय परिषद चुनाव कराने और तमिल समुदाय की आकांक्षाओं के अनुरूप संवैधानिक प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने का भी आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा, विकास और आपसी विश्वास के आधार पर भारत और श्रीलंका की साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी।
Updated on:
05 Aug 2026 08:04 pm
Published on:
05 Aug 2026 08:04 pm
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