
यूक्रेन के कीव शहर में रूस का बड़ा हमला, 17 लोगों की मौत,phorto source@ AI
Kyiv Ballistic Missile Strike: यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों में रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 44 अन्य घायल हो गए। पिछले कुछ महीनों में रूस ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है।
बुधवार तड़के कीव में हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से पूरा शहर दहल उठा। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि घरों के बाहर खड़ी कारों के अलार्म अपने आप बजने लगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि रूसी हमलों में एक रेलवे स्टेशन, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और आम नागरिकों के कारोबार से जुड़े गोदामों को निशाना बनाया गया।
पिछले कुछ महीनों से रूस लगातार यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले कर रहा है। इस समय यूक्रेन के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी है, जिसका फायदा उठाकर रूस बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है। पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम हैं।
यूक्रेन की वायु रक्षा (एयर डिफेंस) सेना के अनुसार, बुधवार के हमले में रूस द्वारा दागी गई 28 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक भी मिसाइल को रोका नहीं जा सका।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने कीव में लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर हमले किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल हथियारों और सैन्य उपकरणों के भंडारण, आपूर्ति और असेंबली के लिए किया जा रहा था।
वहीं, यूक्रेन की डिलीवरी सेवा नोवा पोश्ता (Nova Poshta) ने बताया कि रूस के क्लस्टर बम हमले में उसके तीन कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कीव क्षेत्र के एक रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में भी आठ लोगों की जान गई।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बार फिर पश्चिमी देशों से अधिक संख्या में पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराने और रूस के मिसाइल उत्पादन को रोकने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "यदि बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर उपलब्ध होते, तो आज कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इनकी आपूर्ति में देरी या एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम की कमी के कारण भारी तबाही और जनहानि का खतरा लगातार बढ़ रहा है।"
Updated on:
05 Aug 2026 04:40 pm
Published on:
05 Aug 2026 04:40 pm
