
हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर पर दागी बैलिस्टिक मिसाइलें | फोटो सोर्स-X(@plmlindstroem)
Red Sea: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच लाल सागर और होर्मुज की खाड़ी में हालात बहुत नाजुक हो गए हैं। यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के एक बड़े तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला कर दिया है। हूती विद्रोहियों का दावा है कि समुद्र में नाकेबंदी के तहत उन्होंने पिछले 13 दिनों में 8वें जहाज को निशाना बनाया है।
न्यूज एजेंसी के अनुसार, हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि उत्तरी लाल सागर में यानबू तट के पास सऊदी अरब के तेल टैंकर 'वफा' पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई। हूती प्रवक्ता का कहना है कि 22 जुलाई से शुरू की गई नाकेबंदी के तहत यह कार्रवाई की गई है, जिसके निशाने पर अब तक कई जहाज आ चुके हैं।
सऊदी टैंकर पर यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब ठीक एक दिन पहले यमन के तट के पास हूती विद्रोहियों ने एक भारतीय मालवाहक जहाज को निशाना बनाया था। मिसाइल और विस्फोटक से भरी बोट के हमले के बाद 'एमएसवी फैज नूर ओलिया' नाम का यह भारतीय जहाज समुद्र में पलटकर डूब गया। इस जहाज पर 13 भारतीय नागरिकों समेत कुल 14 क्रू मेंबर्स सवार थे। यमन के अधिकारियों और बचाव दल की मदद से सभी नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
भारतीय जहाज पर हुए इस जानलेवा हमले की भारत के विदेश मंत्रालय ने निंदा की है। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही भारत ने अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए यमन प्रशासन का आभार जताया। वही यमन के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन बताते हुए हूती विद्रोहियों की कड़ी निंदा की है।
लाल सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है। जहाजों पर लगातार हो रहे इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। अगर यह तनाव ऐसे ही बना रहा, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और समुद्री माल ढुलाई का खर्च काफी बढ़ सकता है।
Updated on:
05 Aug 2026 02:32 pm
Published on:
05 Aug 2026 01:56 pm
