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Article 370 Anniversary: धारा 370 की वर्षगांठ पर पाकिस्तान के ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ को भारत ने नकारा, कहा- ‘राजनीतिक ढोंग’

Pakistan Youm-e-Istehsal: अपने ही घर में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाने वाले पाकिस्तान को भारत ने विश्व मंच पर बेनकाब कर दिया है। सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद और झूठे प्रचार के गुब्बारे की हवा निकालते हुए नई दिल्ली ने सख्त हिदायत जारी की है। जानिए इस्लामाबाद की इस छटपटाहट और इसके पीछे की जमीनी हकीकत के बारे में।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 05, 2026

Jammu and Kashmir Article 370

Jammu and Kashmir Article 370 : विदेश मंत्रालय का पाक को दोटूक जवाब: 'यौम-ए-इस्तेहसाल' पाकिस्तान का राजनीतिक पाखंड (फोटो सोर्स : ANI)

Jammu and Kashmir Article 370: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ पर पाकिस्तान द्वारा रचे गए नाटक 'यौम-ए-इस्तेहसाल' को भारत ने कड़े शब्दों में खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इसे महज राजनीतिक पाखंड करार देते हुए साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अटूट हिस्से हैं। पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर मानवाधिकार हनन और आतंकवाद से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए यह प्रपंच रच रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसकी इस चालबाजी में अब फंसने वाला नहीं है।

भारत ने इस्लामाबाद की इस नापाक कोशिश पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि 2019 में 5 अगस्त को उठाया गया कदम भारत का आंतरिक मामला था और रहेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के झूठे बयानों को ध्वस्त करते हुए कहा:

अटूट सत्य: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के सर्वकालिक और अभिन्न अंग हैं।

दोगलापन उजागर: पाकिस्तान का यह कूटनीतिक पैंतरा केवल अपने बदहाल मानवाधिकार रिकॉर्ड और 'ग्लोबल टेरर सेंटर' के ठप्पे से ध्यान हटाने की नाकाम कोशिश भर है।

सीधी चेतावनी: झूठे प्रचार के मंच सजाने के बजाय पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय भू-भाग (PoJK) को तुरंत खाली करना चाहिए और अपनी जमीन से फल-फूल रहे आतंकी नेटवर्क पर कठोर व ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में त्राहि-त्राहि: बंदूकों के साये में पिसती जनता

जहां एक तरफ पाकिस्तान कूटनीतिक मंचों पर कश्मीर का हमदर्द बनने का दिखावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके अपने गैर-कानूनी कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में अत्याचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं।

'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (AAC) के नेतृत्व में PoJK की स्थानीय जनता महीनों से बुनियादी अधिकारों, महंगाई और दमनकारी सरकारी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर है।

बड़ा तथ्य: जून से अब तक पाक सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई और सीधी गोलीबारी में 90 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लक्षित हत्याएं (Targeted Killings) और कड़े दमनकारी नियम लादकर वहां की आवाज़ को दबाया जा रहा है।

370 हटने के बाद बदला कश्मीर का परिदृश्य

जहां पाकिस्तान दुष्प्रचार में उलझा है, वहीं भारत का जम्मू-कश्मीर विकास की एक नई इबारत लिख रहा है:

मानकवर्ष 2019 से पहलेवर्तमान स्थिति
सुरक्षा स्थितिपत्थरबाजी और अलगाववादी हड़तालें आम थींपत्थरबाजी की घटनाएं शून्य, आतंकी घटनाओं में भारी कमी
पर्यटनअनिश्चितता के साये मेंऐतिहासिक रिकॉर्ड (प्रतिवर्ष करोड़ों पर्यटक)
विकास व निवेशसीमित अवसर और विशेष अधिकार का रोड़ासीधे केंद्रीय योजनाएं, एम्स, आईआईटी और नए बुनियादी ढांचे का निर्माण
लोकतांत्रिक प्रक्रियासीमित जनभागीदारीत्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत

बौखलाहट में क्यों है इस्लामाबाद?

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार के बयानों से साफ जाहिर है कि 2019 के बाद से घाटी में सामान्य होते हालात और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख ने पाकिस्तान की विदेश नीति को पूरी तरह अप्रासंगिक बना दिया है। कश्मीर में बहती विकास की बयार और PoJK में भड़का जन-आक्रोश पाक हुक्मरानों की रातों की नींद उड़ा रहा है। भारत ने स्पष्ट संदेश दे दिया है अब खोखले दावों से बात नहीं बनेगी, पाकिस्तान को आतंकवाद और अपने अवैध कब्जों का हिसाब देना ही होगा।