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जुलाई क्रांति एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था, यूनुस ने साजिश का सच उजागर किया: शेख हसीना

Sheikh Hasina: शेख हसीना ने दिल्ली से आरोप लगाया- जुलाई क्रांति शांतिपूर्ण नहीं, यूनुस की साजिश थी। आवामी लीग पर उत्पीड़न, इतिहास मिटाने और हिंसा का दावा। पढ़ें पूरा बयान।
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Sheikh Hasina

शेख हसीना (फोटो - एएनआई)

Hasina's allegation: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को नई दिल्ली से वीडियो लिंक के जरिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जुलाई-अगस्त 2024 का आंदोलन शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन बिल्कुल नहीं था। यह एक सुनियोजित अभियान था, जिसमें कोटा सुधार के प्रदर्शन को हिंसक राजनीतिक हथियार बना दिया गया और सत्ता बदलने का लक्ष्य रखा गया। मोहम्मद युनूस ने सत्ता पर कब्जा जमाकर इसे उजागर कर दिया।

कहा- हमारी सरकार बातचीत से इसे सुलझाना चाहती थी

विदेशी संवाददाता क्लब ऑफ साउथ एशिया को संबोधित करते हुए हसीना ने दावा किया कि उनकी सरकार बातचीत, कानूनी कदम और समझौते से मुद्दा सुलझाना चाहती थी। लेकिन संगठित समूहों ने प्रदर्शन का फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि कोटा सुधार आंदोलन को मेरे इस्तीफे की एकमात्र मांग में बदल दिया गया। झूठा प्रचार योजनाबद्ध तरीके से फैलाया गया। असली छात्रों को भावनात्मक रूप से भड़काया गया, जबकि संगठित गुटों ने हिंसा और सत्ता परिवर्तन के लिए इस आंदोलन का इस्तेमाल किया।

बांग्लादेश का इतिहास मिटाने की कोशिश की गई

इतिहास मिटाने की कोशिश का आरोपपूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 1971 के मुक्ति युद्ध से जुड़े प्रतीकों को तोड़ा गया। अल्पसंख्यक समुदायों और पत्रकारों को निशाना बनाया गया। शेख मुजीबुर रहमान का ऐतिहासिक धनमंडी 32 वाला घर गिरा दिया गया। हसीना के अनुसार यह मुक्ति युद्ध की विरासत को मिटाने की कोशिश थी।

आवामी लीग के कार्यकर्ताओं की हत्याएं की गई

हसीना के मुताबिक 15 जुलाई 2024 से प्रदर्शन में हत्याएं, आगजनी, सरकारी संपत्तियों पर हमले और पुलिस बलों पर हिंसा शुरू हो गई। सत्ता से हटने के बाद आवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बड़े पैमाने पर उत्पीड़न हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों लोग मारे गए, लापता हुए या गिरफ्तार किए गए। लाखों लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए। उन्होंने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि उसने हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग को रोक दिया।

देश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ दिनों पहले देश लौटने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि ढाका लौटने पर मुझे मारा जा सकता है। मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है। मुझे जेल भेजा जा सकता है। मुझे अपनी किस्मत का पूरा पता है। फिर भी मैं वापस जाना चाहती हूं क्योंकि मेरे लोग मुझे बुला रहे हैं।

बांग्लादेश की आपत्ति पर भारत ने दी थी प्रतिक्रिया

भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यक्रम और बांग्लादेश सरकार की आपत्ति पर प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मीडिया इवेंट में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। जायसवाल ने कहा कि शेख हसीना के कार्यक्रम को एक "प्राइवेट मीडिया संस्था" आयोजित कर रही है और नई दिल्ली इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती है।