
Sonam Wangchuk: नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद सयानी घोष ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और छात्रों के बीच शुरू हुई बातचीत से सकारात्मक समाधान निकलेगा।
सयानी घोष ने कहा कि सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार, छात्रों और सीजेपी (CJP) के बीच शुरू हुई बातचीत रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि छात्र देश की धरोहर हैं और सरकार का भी दायित्व देश की सेवा करना है। ऐसे में समाधान ऐसा होना चाहिए जो छात्रों और सरकार, दोनों के हित में हो।
सयानी घोष ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश उचित नहीं है। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक दलों ने छात्रों और युवाओं के आंदोलन को अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया, जो सही नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने छात्रों की बातें सुननी शुरू कर दी हैं और उम्मीद है कि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर संतोषजनक समाधान निकाला जाएगा।
उधर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर बड़ी कार्रवाई हुई है। सरकार ने एनटीए के 47 अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही जिन अधिकारियों की भूमिका गंभीर लापरवाही या अनियमितताओं में सामने आई है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले के बाद एजेंसी में हलचल तेज हो गई है।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल वीडियो संदेश जारी करने के बजाय प्रधानमंत्री को आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलकर उनका भरोसा जीतना चाहिए था। प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई सामान्य मामला नहीं है और सरकार इस पर और सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी बताया था कि पेपर लीक के खिलाफ प्रस्तावित कड़े कदमों पर अगले दिन केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी।