
Akali Dal Womens Reservation Delimitation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात के एक दिन बाद पार्टी ने महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। अकाली दल ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग की है। पार्टी ने सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व देने वाले निष्पक्ष और उचित परिसीमन का भी समर्थन किया है।
सुखबीर बादल ने शनिवार को कहा कि चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें संसद के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद अकाली दल ने महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर अपनी मांग रखी।
सुखबीर बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल देश में महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है जिन्होंने महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी। उन्होंने यह भी कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति पहले ही अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। अकाली दल ने इसी आधार पर देश में महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग दोहराई है।
परिसीमन को लेकर अकाली दल ने कहा कि यह निष्पक्ष और समान होना चाहिए। पार्टी के मुताबिक, परिसीमन ऐसा होना चाहिए जिससे सभी राज्यों को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके।
सुखबीर बादल ने कहा कि पार्टी ने केंद्र सरकार की ओर से सदन में रखे गए सभी राज्यों की सीटों में समान रूप से 50 फीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव का समर्थन किया है। अकाली दल ने महिला आरक्षण और परिसीमन दोनों को जल्द लागू करने की मांग की है।
सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद बीजेपी और अकाली दल के दोबारा साथ आने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में दोनों पुराने सहयोगियों की मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल ने 2020 में केंद्र के तीन कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से नाता तोड़ लिया था। इन कानूनों को केंद्र सरकार ने 2021 में वापस ले लिया था। इसके बावजूद दोनों दलों के रिश्ते सामान्य नहीं हो पाए।
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली थी। इसके बाद से बीजेपी और अकाली दल दोनों राज्य की राजनीति में पहले के मुकाबले कमजोर स्थिति में हैं। बीजेपी और अकाली दल के दोबारा गठबंधन के सवाल पर पंजाब बीजेपी अध्यक्ष ने फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वहीं, अकाली दल के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने बैठक को लेकर कहा कि वह केवल इतना बता सकते हैं कि दोनों नेताओं की मुलाकात हुई है।