राष्ट्रीय

अखिलेश यादव का कौन सांसद करेगा सपा में बगावत का नेतृत्व? यूपी के मंत्री ने किया इशारा

Om Prakash Rajbhar Tweet on SP: सुभासपा प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के ट्वीट के बाद समाजवादी पार्टी में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। राजभर ने दावा किया कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व बागी बलिया का लाल करेगा।

2 min read
Jun 18, 2026
Om Prakash Rajbhar on SP Breakup
अखिलेश यादव (बाएं) और ओम प्रकाश राजभर (Photo- IANS)

Samajwadi Party Split News: ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के बाद अब अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में टूट की चर्चा तेज हो गई है। बुधवार को यूपी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के ट्वीट के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है। इसके बाद गुरुवार को राजभर ने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा कि इन बागी सांसदों का नेतृत्व बलिया का लाल करेगा।

मंत्री राजभर ने क्या कहा?

गुरुवार सुबह एक्स पर पोस्ट करते हुए राजभर ने कहा कि कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है? तो सुनो! सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा। क्योंकि कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है।

राजभर ने किसकी ओर किया इशारा

अपनी पोस्ट में राजभर ने बागी सांसदों के नेतृत्व करने वाले नेता का नाम की ओर इशारा कर दिया है। मंत्री राजभर ने कहा कि बागी बलिया का लाल इसका नेतृत्व करेगा। राजभर का यह इशारा बलिया से सांसद सनातन पांडे की तरफ है, क्योंकि वे जनरल से आते है। पार्टी के प्रवक्ता ने ब्राह्मणों को लेकर कथित टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह समाज नाराज चल रहा है।

पहले भी कर चुके हैं बगावत

दरअसल, सनातन पांडे ने 1996 में नौकरी छोड़कर समाजवादी का पार्टी का दामन थाम लिया। 1997 और 2002 में पार्टी से चिलकहर विधानसभा सीट के लिए टिकट मांगा था, लेकिन प्रत्याशी नहीं बनाए जाने के बाद निर्दलीय ताल ठोक दी। लेकिन चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। बाद में फिर 2007 में सपा ने प्रत्याशी बनाया और जीत हासिल की।

राजभर के दावे पर क्या बोले अखिलेश

ओम प्रकाश राजभर के सपा में टूट के दावे पर अखिलेश यादव की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि भविष्यवाणी करने वाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है 50 या फिर सिर्फ आश्वासन। इन्होंने बीजेपी के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर जो पैसा एडवांस लिया है, वो लोग इन्हें ढूंढ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

सपा में ब्राह्मण विवाद मुख्य रूप से पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की एक कथित टिप्पणी से शुरू हुआ। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने ब्राह्मण समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद ब्राह्मण संगठनों ने विरोध किया, महापंचायतें बुलाईं और कई जगह एफआईआर भी दर्ज हुई।

सांसदों के टूटने की अटकलें क्यों?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद बागी हो गए। 28 सांसदों में 20 सांसद बागी हो गए और NCPI में विलय कर लिया। उन्होंने सदन में NDA को समर्थन देने की भी बात कही। वहीं अब उद्धव ठाकरे के सांसदों के टूटने की भी अटकलें लगाई जा रही है। 9 में से 6 सांसद एकनाथ शिंदे गुट में जा सकते है।

दरअसल, सदन में NDA दो-तिहाई बहुमत हासिल करना चाहती है, क्योंकि मोदी सरकार को कई अहम बिल पारित कराने है। जिसमें से एक परिसीमन बिल को पारित करना है, क्योंकि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का यह अहम एजेंडा है।

Published on:
18 Jun 2026 10:26 am