
Sanjay Raut on SIR: शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों द्वारा SIR प्रक्रिया में कथित विसंगतियों पर आपत्ति जताने की बात कही गई है। इस दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है। साथ ही सांसद राउत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कार्रवाई करने की अपील की।
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस देश में चुनाव एक तमाशा बनकर रह गए हैं। चुनाव आयोग गृह मंत्रालय के अधीन है।
राउत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी देश को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें अमित शाह को कैबिनेट से हटा देना चाहिए। अगर पीएम मोदी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो मैं राष्ट्रपति से ज्ञानेश कुमार को हटाने की अपील करूंगा। अगर राष्ट्रपति भी कोई कार्रवाई नहीं करती हैं, तो सेना प्रमुख को ऐसे ‘हुक्मशाहों’ से देश को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
संजय राउत ने कहा कि सुखबीर संधू और विवेक जोशी की तारीफ की। शिवसेना सांसद ने कहा कि उन्होंने विद्रोह कर दिया है। इसके लिए देश सुखबीर सिंधू और विवेक जोशी का आभारी है। उन्होंने देश के सामने ज्ञानेश कुमार का मुखौटा उतार दिया है। उन्होंने गृह मंत्रालय का भी मुखौटा उतार दिया है।
राउत ने कहा कि जिस तरह से लोग बेईमानी के जरिए चुनाव जीत रहे हैं और काम कर रहे हैं। 10 महीनों में इन दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 आपत्तियां दर्ज की हैं। यह मामला कैबिनेट सचिव तक गया, अमित शाह तक गया और अमित शाह ने इसे दबा दिया।
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्य सभा में संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि पांच महीने पहले राज्य सभा के 60 से अधिक सांसदों ने राज्य सभा के सभापति को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया था। यह पांच महीने पहले की बात है। अब आज, इस बड़ी खबर के सामने आने के बाद कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कई कदमों पर आपत्ति जताई थी, समय आ गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए राज्य सभा में लाए गए प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाए और लोकतंत्र को बचाया जाए।