दिल्ली में SIR को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज है, क्योंकि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जांच के दायरे में आए हैं। हाल में सामने आई जानकारी के मुताबिक करीब 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। वहीं ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47.5 लाख नाम शामिल नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति को नोटिस मिलना अपने आप में नाम काटने का आखिरी फैसला नहीं है।