
BRICS Summit:ब्रिक्स समिट को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की जमकर तारीफ की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति एक ‘शेर’ की तरह हैं और उनके देश के नेताओं में भी वही जुझारूपन है।
उन्होंने कहा कि मैंने आपको बताया था कि ईरान के राष्ट्रपति यहां आए हैं। वह शेर जैसे इंसान हैं। पूरी दुनिया उनके खिलाफ खड़ी हो गई थी। अमेरिका और इजरायल ने ईरान को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।
इस दौरान शिवसेना नेता राउत ने ईरान की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह शेरों का देश है और वहां के नेता भी शेर हैं। ऐसा ही एक शेर दिल्ली आया है और यह गर्व की बात है। वे अपनी लड़ाई खुद लड़ सकते हैं।
शनिवार को राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरान-अमेरिका युद्ध के विषय में बात करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि टिकाऊ सुरक्षा राष्ट्रीय संप्रभुता के पूरे सम्मान और कुछ लोगों के लिए सुरक्षा और दूसरों के लिए असुरक्षा वाले मॉडल को खारिज करने पर निर्भर करती है। पड़ोसी देशों को धमकाने के लिए किसी देश की ज़मीन का गलत इस्तेमाल न होने देना एक अटूट सिद्धांत है। ब्रिक्स को आम लोगों के बुनियादी ढांचे और शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों को सामान्य मानने की प्रवृत्ति का विरोध करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं को हमलों और खतरों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। एकतरफा और अमानवीय प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाना ब्रिक्स सदस्यों की प्राथमिकता है। ब्रिक्स को न्याय की आवाज बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को BRICS शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ता तनाव आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में BRICS देशों को एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा और खास तौर पर ग्लोबल साउथ के देशों के समावेशी विकास को आगे बढ़ाना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के हथियारीकरण को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तकनीक और महत्वपूर्ण संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने या संघर्ष के साधन के रूप में किया गया तो इससे साझा प्रगति और वैश्विक समृद्धि प्रभावित हो सकती है।