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INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर संजय सरावगी बोले- न्यायपालिका पर दबाव बनाना बचकानी हरकत, दम है तो याचिका दें

India Bloc Protest: बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने राहुल गांधी के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन देने और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सड़क पर प्रदर्शन के जरिए न्यायपालिका और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बनाने की बचकानी कोशिश कर रहा है।
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Oct 12, 2026
Sanjay Saraogi,
Sanjay Saraogi,

anjay Saraogi on India Bloc March: बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शन को न्यायपालिका और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की बचकानी हरकत बताया है। सरावगी ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत राजनीतिक रैलियों का मंच नहीं है, अगर कांग्रेस या विपक्षी दलों के पास सच में कोई ठोस मामला और कानूनी आधार है, तो उन्हें सड़कों पर तमाशा करने के बजाय अदालत में औपचारिक कानूनी याचिका दायर करनी चाहिए।

न्यायपालिका की गरिमा को चोट पहुंचाने का प्रयास हो रहा- संजय सरावगी

संजय सरावगी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जो कुछ हुआ वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। एक तरफ उपद्रवी भीड़ पुलिस पर पत्थरबाजी करती है, सुरक्षा घेरे तोड़ती है और दूसरी तरफ राहुल गांधी मुख्य न्यायाधीश के दरवाजे पर ज्ञापन देने चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर न्यायपालिका की गरिमा को चोट पहुंचाने का प्रयास है।

संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के वकीलों ने कई बार अदालत में याचिकाएं लगाई हैं, ऐसे में इस पूरे मामले को सड़कों पर राजनीतिक तमाशा बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने खुद स्पष्ट किया है कि मामला विचाराधीन है और संबंधित पक्षों को अपनी कानूनी दलीलें अदालत में ही पेश करनी चाहिए।

सरावगी ने मुख्य न्यायाधीश के रुख को विपक्ष के लिए एक कड़ी फटकार बताया और कहा कि ऐसी ही बचकानी हरकतों की वजह से कांग्रेस पार्टी आज पूरे देश में कमजोर स्थिति में पहुंच गई है।

सौरभ दास और आशुतोष रांका पर भी साधा निशाना

दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों पर संजय सरावगी ने कहा कि प्रशासनिक अनुमति के बिना जंतर-मंतर को घेरना, बैरिकेड्स तोड़ना और आकाशवाणी भवन जैसी सार्वजनिक संपत्ति पर पथराव करना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सौरभ दास और आशुतोष रांका जैसे लोगों का तारीखें मांगने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाना, हंगामा करना और कैमरों के सामने शांत दिखने का नाटक करना एक सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा है।

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए संजय सरावगी ने कहा कि स्टेशन पर हिरासत में रखे जाने और परिवार से संपर्क न करने देने का दावा करने वालों का झूठ बेनकाब हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस अधिकारी उन्हें अपने परिवार से बात करने के लिए कह रहे हैं। सरावगी ने कहा कि पुलिस और सरकार कानून के शासन को बनाए रखने के लिए बाध्य हैं और जनता इस पूरे ड्रामे को करीब से देख रही है।

SIR पर भी बोले सरावगी

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर संजय सरावगी ने कहा कि SIR कोई एक दिन का काम नहीं है। यह 120 से 150 दिनों तक चलने वाली एक विस्तृत और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसमें 35 लाख से ज्यादा सरकारी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) सक्रिय रूप से शामिल होते हैं। ड्राफ्ट पब्लिकेशन की प्रतियां सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों को विधिवत सौंपी जाती हैं और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पूरा एक महीना दिया जाता है।

सरावगी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने के बजाय, विपक्षी दल अराजकता फैलाकर चुनाव आयोग पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

Updated on:
12 Oct 2026 10:49 am
Published on:
12 Oct 2026 10:49 am