
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना (फोटो-X/@INCIndia)
CEC Gyanesh Kumar Controversy: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन को भगवान शिव के तांडव से जोड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि इस आंदोलन के लिए किसी औपचारिक योजना की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इसकी रणनीति परिस्थितियों के अनुसार तय होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका ने आंदोलन के लिए योजना बनाने की बात कही थी। इस पर राहुल ने कहा कि यह सामान्य आंदोलन नहीं, बल्कि भगवान शिव के तांडव जैसा है, जिसमें पहले से कोई तय योजना नहीं होती।
उन्होंने कहा कि मेरी बहन मुझसे कहती हैं कि हमें योजना बनानी चाहिए। मैंने उनसे कहा कि आप बात को समझ नहीं रही हैं। यह तांडव है, भगवान शिव का नृत्य है। इसमें कोई योजना नहीं है। आज हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं, कल कुछ और होगा।
राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन के पास हुए धरने का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले बस से जाने, एक जगह बैठने और गिरफ्तारी देने की योजना थी। लेकिन जब पुलिस ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी, तो योजना बदल दी गई।
उन्होंने सवाल किया कि उस प्रदर्शन का परिणाम तय योजना से निकला या परिस्थितियों के अनुसार योजना बदलने से। राहुल ने कहा कि यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा और जो भी इसमें शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष केवल उन सवालों को उठा रहा है, जो उनके मुताबिक दो चुनाव आयुक्तों ने भी उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज और आचरण पर सवाल उठा रहे हैं और यह विरोध रुकने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों के साथ कथित तौर पर अलग-अलग व्यवहार किए जाने को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोकने और RSS सदस्यों को स्वतंत्र रूप से घूमने देने के मामले पर गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के भीतर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने सभी राजनीतिक दलों के लोगों से INDIA ब्लॉक के मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि मार्च दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस स्थित बाराखंभा जंक्शन से निकाला जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि यह मार्च संविधान की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है और इसमें किसी भी राजनीतिक दल का व्यक्ति शामिल हो सकता है।
राहुल गांधी ने उन लोगों से भी समर्थन जताने की अपील की, जो मार्च में सीधे तौर पर शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जब INDIA ब्लॉक का प्रतिनिधिमंडल याचिका दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, तब लोग वहां अपनी एकजुटता दिखा सकते हैं।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के आसपास दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और CRPF के जवानों की भी तैनाती की गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को दोपहर 4 बजे तक सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखे जाने की व्यवस्था भी बताई गई है।
Updated on:
12 Oct 2026 01:48 pm
Published on:
12 Oct 2026 01:25 pm
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