केंद्र सरकार की तरफ से स्कूल प्रबंधन समिति गाइडलाइन 2026 जारी कर दी हैं। बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे पेश किया।
केंद्र सरकार ने देश के 15 लाख स्कूलों के लिए स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की नई गाइडलाइन 2026 जारी कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को इसे पेश करते हुए कहा कि अब एसएमसी पुराने ढर्रे से निकलकर स्कूल, अभिभावक और समाज के बीच सशक्त सेतु बनेगी। उन्होंने जोर दिया कि स्कूलों में यूनीक कल्चर विकसित करना होगा।
प्रधान ने कहा कि सरकार और शिक्षकों की अपनी सीमाएं हैं, इसलिए स्कूलों को सामाजिक आंदोलन बनाना ज़रूरी है। एसएमसी बच्चों की पढ़ाई के साथ पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और डिजिटल शिक्षा पर भी काम करेगी। उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल कर शिक्षा को बेहतर बनाया जाए और स्कूलों में हरियाली भी बढ़े। साथ ही समाज को नेतृत्व देने पर जोर देते हुए कहा कि अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी बढ़ानी होगी।
नई गाइडलाइन के तहत एसएमसी को स्कूल और समाज के बीच मज़बूत कड़ी बनाया गया है। इसमें अभिभावक, शिक्षक, स्थानीय प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति का गठन हर नए सत्र के एक महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा। सदस्यों की संख्या 12 से 25 के बीच होगी, जो छात्रों की संख्या पर निर्भर करेगी। हर स्कूल को तीन साल का विकास प्लान बनाना होगा और पांच बेस्ट प्रैक्टिस लागू करनी होंगी।
एसएमसी की हर महीने बैठक अनिवार्य होगी और निर्णय के लिए कम से कम 50% सदस्यों की मौजूदगी जरूरी रहेगी। स्कूलों में एकेडमिक, भवन और छात्र कल्याण जैसी सब-कमेटियाँ बनाई जा सकेंगी। ये समितियाँ शिक्षा के साथ बच्चों के स्वास्थ्य, मानसिक सेहत, बेहतर माहौल और समग्र विकास पर काम करेंगी।