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Flight Seat Price: अब फ्लाइट में खिड़की वाली सीट के लिए नहीं देनी होगी मनमानी फीस, 20 अप्रैल से नया नियम लागू

DGCA ने नया नियम जारी किया है, जो 20 अप्रैल से लागू होगा। अब हर फ्लाइट की कम से कम 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के मिलेंगी।
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Mar 29, 2026
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फ्लाइट की विंडो सीट। (फोटो- X/TechDekhoji)

अगर आपने कभी फ्लाइट बुक की है तो ये झटका आपको भी लगा होगा। टिकट के पैसे अलग और फिर सीट चुनो तो 200 से लेकर 2100 रुपये तक अलग।

खिड़की वाली सीट चाहिए? तो और पैसे देने पड़ते हैं। परिवार के साथ बैठना है? तब भी पैसे भरने पड़ते हैं। लेकिन अब इस लूट पर लगाम लगने वाली है।

DGCA यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एक नया नियम जारी किया है जो 20 अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत हर फ्लाइट की कम से कम 60 फीसदी सीटें मुफ्त में मिलनी चाहिए, यानी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के। अभी हालत ये है कि केवल 20 फीसदी सीटें ही मुफ्त मिलती हैं और बाकी सब के लिए यात्रियों की जेब काटी जाती है।

परिवार के साथ सफर और सीट की मारामारी

जो लोग बच्चों या बुजुर्गों के साथ यात्रा करते हैं, वो जानते हैं कि ये कितनी बड़ी परेशानी है। एक ही PNR पर टिकट बुक किया, लेकिन सीट चुनने के लिए पैसे नहीं दिए तो पति किसी और कतार में, पत्नी कहीं और और बच्चा बीच में अकेला।

DGCA ने इसपर भी ध्यान दिया है। नए नियम के मुताबिक एक ही बुकिंग पर आने वाले यात्रियों को जहां तक हो सके पास-पास, यानी बगल की सीटें दी जानी चाहिए।

एयरलाइंस को अब छुपाने का मौका नहीं

अब एयरलाइंस को अपनी बुकिंग वेबसाइट पर साफ-साफ दिखाना होगा कि कौन सी सीटें मुफ्त हैं और उनकी क्या शर्तें हैं। यानी वो पुरानी चालाकी नहीं चलेगी जिसमें फ्री सीटें होती तो थीं, लेकिन इतनी छुपाकर रखी जाती थीं कि यात्री खुद थककर पैसे वाली सीट चुन लेता था।

इसके अलावा स्पोर्ट्स उपकरण या संगीत वाद्ययंत्र जैसे सामान के चार्ज भी अब खुलकर दिखाने होंगे। नुकसान होने पर एयरलाइन की जिम्मेदारी क्या होगी, ये भी बताना होगा।

एयरलाइंस खुश नहीं, लेकिन यात्री राहत में

जाहिर है, एयरलाइन कंपनियों को ये नियम रास नहीं आया। उनका कहना है कि इससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। लेकिन आम यात्री के नजरिए से देखें तो ये फैसला काफी जरूरी था।

खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए जो पहले से महंगे हवाई सफर में हर छोटी चीज पर अलग पैसे देते-देते थक चुके थे। DGCA प्रमुख फैज अहमद किदवई ने इस हफ्ते एक कार्यक्रम में कहा भी कि उनकी कोशिश यात्रियों के हक और एयरलाइंस की तरक्की के बीच संतुलन बनाने की है।

भारत का विमानन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यात्रियों को भी तो कुछ मिलना चाहिए इस तरक्की से। 20 अप्रैल का इंतजार करिए। उस दिन से उड़ान भरना थोड़ा सस्ता और थोड़ा आसान हो जाएगा।

Updated on:
29 Mar 2026 07:31 pm
Published on:
29 Mar 2026 07:31 pm