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Airline Ticket Price: युद्ध संकट के बीच सरकार का नया फैसला, टिकट्स पर से प्राइस कैप हटाया गया

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू उड़ानों पर लगी किराया सीमा हटाई। एयरलाइंस को राहत मिली, लेकिन टिकट कीमतों पर सख्त निगरानी जारी रहेगी। DGCA को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अनुचित बढ़ोतरी पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यात्रियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 22, 2026

Indian Airline

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Airline Ticket Price: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार और एविएशन सेक्टर पर भी दिखाई दे रहा है। इसी बीच भारत सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों को कुछ राहत देने का फैसला किया है, जिससे उन्हें बढ़ती लागत के दबाव से थोड़ी राहत मिल सके। दरअसल, उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों के टिकटों पर लगी अस्थायी मूल्य सीमा (प्राइस कैप) को हटाने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला 23 मार्च 2026 से लागू होगा। मंत्रालय का कहना है कि जब दिसंबर में हालात बिगड़े थे, तब यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किराया सीमा तय की गई थी। लेकिन अब स्थिति पहले की तुलना में सामान्य हो गई है, इसलिए यह पाबंदी हटाना जरूरी समझा गया।

DGCA का निर्देश


सरकार का मानना है कि अब उड़ानों की संख्या और क्षमता दोनों में सुधार आया है। एयरलाइंस कंपनियां पहले की तरह संचालन कर पा रही हैं, इसलिए बाजार को अपने हिसाब से किराया तय करने की छूट दी जा रही है। हालांकि, इसके साथ एक साफ चेतावनी भी दी गई है। अगर किसी भी एयरलाइन ने इस छूट का गलत फायदा उठाते हुए टिकट कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की, तो सरकार फिर से सख्ती करने से पीछे नहीं हटेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह टिकट कीमतों पर लगातार नजर बनाए रखे। यानी, यात्रियों को राहत और एयरलाइंस को आजादी दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

युद्ध का असर


गौर करने वाली बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर एयरलाइंस के खर्च पर पड़ता है। ऐसे में कंपनियां लंबे समय से किराया सीमा हटाने की मांग कर रही थीं। 18 मार्च को एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख कंपनियों के अधिकारी मंत्रालय से मिले भी थे और इस मुद्दे को उठाया था।

याद दिला दें कि दिसंबर में इंडिगो की कई उड़ानें अचानक रद्द हो गई थीं, जिससे काफी अफरातफरी मच गई थी। उसी समय यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अधिकतम एकतरफा किराया 18,000 रुपये तय किया था।

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