
AIMSA President Jitendra Singh On Sejal Pawar Video: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिरी एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार के मामले में ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने सेजल पवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षा के दौरान हर छात्र को कैडेवर (डेडबॉडी) और उसे दान करने वाले परिजनों के प्रति सम्मान रखना सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि मृत शरीर पर की गई टिप्पणी बेहद निंदनीय है और इस मामले में सरकार को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि मेडिकल अध्ययन के लिए दान की गई डेड बॉडी को कैडेवर कहा जाता है। उन्होंने बताया कि हर मेडिकल छात्र पढ़ाई के दौरान कैडेवर ओथ लेता है, जिसमें वह मृत शरीर और उसके परिवार के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और नैतिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेता है। उनका कहना था कि सेजल पवार एमबीबीएस की छात्रा हैं, इसलिए उन्हें इस शपथ और उसकी भावना की जानकारी होनी चाहिए।
AIMSA अध्यक्ष ने कहा कि मेडिकल अध्ययन के लिए दान की गई डेड बॉडी छात्रों के लिए पहले शिक्षक की तरह होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मृत शरीर को देवतुल्य माना जाता है और उस पर की गई टिप्पणी का संगठन विरोध करता है। उन्होंने मांग की कि सेजल पवार के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की टिप्पणी करने की हिम्मत न करे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि वीडियो दो महीने पहले रिकॉर्ड हुआ था तो सरकार को पहले ही इस मामले में कदम उठाना चाहिए था। उनके मुताबिक, अगर किसी दान की गई डेड बॉडी का अपमान हुआ है तो उसका सम्मान बनाए रखना भी संस्थाओं और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में दर्शकों के साथ बातचीत के दौरान मेडिकल शिक्षा से जुड़े एक संवेदनशील विषय पर टिप्पणी करती दिखाई दीं। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया और लोगों ने इसकी आलोचना की।
इस बीच विवाद बढ़ने के बाद किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) हॉस्पिटल और सेठ गोर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सेजल पवार को 15 दिनों के लिए जबरन अवकाश पर भेज दिया है। इस अवधि में उन्हें अस्पताल, कॉलेज परिसर और हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
संस्थान ने बताया कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है जिसे सात दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। शुरुआती जांच में यह पुष्टि हुई है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली युवती सेजल पवार ही हैं। प्रशासन के अनुसार वीडियो में किए गए कुछ दावे प्रथम दृष्टया गलत और अस्वीकार्य पाए गए हैं जिसके आधार पर उनके खिलाफ अंतरिम कार्रवाई की गई है।
जितेंद्र सिंह ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रणीत मोरे और समय रैना जैसे लोग समाज के लिए श्राप हैं। कॉमेडी के नाम पर टीआरपी और व्यूज हासिल करने के लिए बहन-बेटियों, धर्म और व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि यह तय किया जाए कि कॉमेडी की सीमाएं क्या होनी चाहिए और किस प्रकार की सामग्री स्वीकार्य है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया चैनलों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। AIMSA अध्यक्ष ने कहा कि संगठन सेजल पवार और प्रणीत मोरे दोनों के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की मांग करता है।
विवाद के बीच महाराष्ट्र साइबर सेल ने भी मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगरा, सेजल पवार और अन्य लोगों से जुड़ा है। महाराष्ट्र साइबर सेल के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्तियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रकाशन और प्रसार में भूमिका निभाई है। मामले में आरोपितों को समन भी जारी किया गया है। फिलहाल कॉलेज प्रशासन की आंतरिक जांच और महाराष्ट्र साइबर सेल की कार्रवाई जारी है।