राष्ट्रीय

Semi High Speed Train: बुलेट ट्रेन से पहले ट्रैक पर दौड़ेगी सेमी हाई स्पीड रेल, 220 KM प्रति घंटा होगी रफ्तार

भारतीय रेलवे ने बुलेट ट्रेन शुरू करने से पहले सेमी हाई स्पीड ट्रेन शुरू करने की तैयारी की है। यह सेमी हाई स्पीड ट्रेन 220 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ेगी।
2 min read
Apr 13, 2026
Semi-high-speed train
भारतीय रेलवे शुरू करेगा सेमी हाई स्पीड ट्रेन (सांकेतिक इमेज)

भारतीय रेलवे (Indian Railways) तेज गति वाली ट्रेनों का विस्तार करने पर जोर दे रहा है। अब रेलवे ने बुलेट ट्रेन शुरू करने से पहले सेमी हाई स्पीड ट्रेन संचालित करने की तैयारी की है। 180 किलोमीटर प्रति घंटे की वंदे भारत ट्रेनों के सफल संचालन के बाद अब 220 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली नई पीढ़ी की ट्रेन शुरू करने की तैयारी चल रही है। यह कदम कम लागत में ज्यादा शहरों को तेज कनेक्टिविटी देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मौजूदा ट्रैक पर ही दौड़ेगी हाई स्पीड ट्रेन

रेल मंत्रालय के अनुसार, नई ट्रेनें मौजूदा ब्रॉड गेज ट्रैक पर ही चल सकेंगी। जिससे अलग हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुंबई-अहमदाबाद जैसी बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए अलग ट्रैक और भारी निवेश की आवश्यकता है। इसलिए रेलवे फिलहाल 200 किमी प्रति घंटे तक की गति वाले नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने पर फोकस कर रहा है।

16-कोच वाली दो ट्रेनसेट को मिली मंजूरी

रेलवे बोर्ड ने मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम के तहत दो 16-कोच ट्रेनसेट को मंजूरी दी है। इनका निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को सौंपा गया है। स्टील बॉडी वाली इन ट्रेनों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। प्रत्येक ट्रेनसेट की अनुमानित लागत लगभग 866.87 करोड़ रुपए है। नई ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 220 किमी प्रति घंटे होगी, जबकि अधिकतम परिचालन गति 200 किमी प्रति घंटे रखी जाएगी। शुरू में प्रत्येक ट्रेन 8 कोच की होगी, जिसे बाद में 16 कोच तक बढ़ाया जाएगा। इनमें बेहतर यात्री सुविधाएं, उन्नत सुरक्षा सिस्टम और ऊर्जा दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

रेलवे ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर का अपग्रेड

तेज रफ्तार के साथ सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अपग्रेड कर रहा है। पारंपरिक आयरन और कंक्रीट स्लीपर की जगह अब कंपोजिट स्लीपर अपनाए जा रहे हैं। ये स्लीपर हल्के, अधिक टिकाऊ और भारी भार सहने में सक्षम हैं। खासकर पुलों के अप्रोच, पॉइंट्स और क्रॉसिंग वाले क्षेत्रों में इनका उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे सफर अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। रेलवे एआई आधारित ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगा रहा है, जो रखरखाव लागत कम करने और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगा।

वंदे भारत के सफल संचालन के बाद शुरू होगी नई ट्रेन

भारतीय रेलवे मौजूदा समय में देशभर में करीब 81 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन कर रहा है। नई 220 किमी स्पीड वाली ट्रेनें वंदे भारत से आगे का कदम साबित होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मध्यम दूरी के शहरों के बीच यात्रा समय काफी कम होगा और रेलवे की आय बढ़ेगी। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा योगदान है। 2027-28 में इन ट्रेनसेट के तैयार होने के बाद भारतीय रेलवे सेमी हाई स्पीड के वैश्विक मानकों के करीब पहुंच जाएगा।

Published on:
13 Apr 2026 04:42 am