
Protest against Gyanesh Kumar: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी टीम पर चुनावी प्रक्रिया से गुजरे बिना सरकार बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साजिशें चल रही हैं। मीडिया से बात करते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सिर्फ वोट से हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता जनादेश के बिना सत्ता बदलने की किसी भी कोशिश को नाकाम कर देगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन वोट से होता है, लेकिन राहुल गांधी और उनकी पूरी टीम बिना वोट के सत्ता परिवर्तन करना चाहती है। यह संभव नहीं है और कभी हो भी नहीं सकता। कुछ साजिशें चल रही हैं, जिन्हें इस देश की जनता नाकाम करेगी। गौरतलब बात यह है कि शाहनवाज हुसैन का बयान ऐसे समय आया है, जब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को "रिजीम चेंज की लड़ाई" बताया था। इसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
शनिवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का फैसला चुनावों में जनता के जनादेश से होता है। उन्होंने असंवैधानिक राजनीतिक उथल-पुथल की किसी भी कोशिश को खारिज किया। X पर एक पोस्ट में उन्होंने इस बयानबाजी की कड़ी निंदा की। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों और कार्यकर्ताओं पर सड़क पर प्रदर्शन की आड़ में अराजकता भड़काने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि भारत बांग्लादेश नहीं है और देश के युवा देश को गिराने की जगह उसे बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया है कि वे दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के जरिए अराजकता फैलाकर बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता बदलना चाहते हैं। हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को "रिजीम चेंज" शब्द के इस्तेमाल का बचाव किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र में एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया और सवाल उठाया कि मोदी सरकार इस पर दिखावटी गुस्सा क्यों दिखा रही है।
वहीं, कांग्रेस के राज्य सभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष का मकसद चुनाव के जरिए सरकार बदलना है। उन्होंने कहा कि हम खुद कह रहे हैं कि हम रिजीम बदलेंगे। विपक्ष की मंशा हमेशा चुनाव के जरिए सत्ता बदलने की होती है। इन्हें अब लोकतंत्र की आदत नहीं रही।