
Digvijaya Singh Ram Mandir Donation: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के राम मंदिर और रामशिला से जुड़े बयान पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर ‘सिलेक्टिव एम्नेशिया’ यानी चुनिंदा बातें याद रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयानों में विरोधाभास नजर आता है।
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह ने 1989 में रामशिला के लिए जुटाए गए धन को लेकर सवाल उठाए थे और 1990 में राम यात्रा के लिए जुटाई गई राशि पर भी सवाल किया था। इसके अलावा 2021 में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वित्तीय खातों पर भी सवाल उठाए थे।
शाइना एनसी ने कहा कि दिग्विजय सिंह 1989 में खुद रामशिला पूजन में शामिल हुए थे। उन्होंने सवाल किया कि उस समय दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इन मामलों को लेकर सवाल क्यों नहीं उठाए और अदालत का रुख क्यों नहीं किया?
शाइना एनसी ने कहा कि 2019 में अदालत के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद 2021 में देशभर के करीब 12.5 करोड़ परिवारों ने अपनी श्रद्धा, आस्था और भक्ति के तौर पर राम मंदिर के लिए योगदान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे में ट्रस्ट की ओर से रसीद जारी करने और ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
शाइना एनसी ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की है और अपराधियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की ओर से इस तरह की टिप्पणी यह दर्शाती है कि उन्हें भगवान राम के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदू धर्म को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द फारसी है और वेद, उपनिषद और दूसरे पुराने ग्रंथों में इसका जिक्र नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि सनातन दुनिया की सबसे पुरानी धार्मिक परंपराओं में से एक है। इसका संदेश ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है।