
Sharjeel Imam Interim Bail: 2020 में दिल्ली में हुई दंगो की साजिश के मामले में आरोपी JNU के पूर्व छात्र शरजील इमाम को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी है, ताकि वह अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल हो सकें।
शरजील इमाम के वकील ने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम रिहाई की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। मामले की परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट ने 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर की सीमित अवधि के लिए यह राहत दी। इस दौरान, कोर्ट द्वारा लगाई गई सामान्य और सख्त शर्तें लागू रहेंगी। इससे पहले इस साल मार्च में कोर्ट ने इमाम को उनके अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए भी 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी।
दिल्ली हाई कोर्ट में शरजील इमाम और उमर खालिद की नियमित जमानत याचिकाओं पर 30 सितंबर 2026 को सुनवाई होनी है। इससे पहले 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई को दिल्ली पुलिस के और समय मांगने के बाद टाल दिया गया था। इससे पहले, जुलाई 2026 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद, दोनों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
शरजील इमाम, उमर खालिद और कई अन्य सीएए-विरोधी कार्यकर्ताओं को साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों की आड़ में राजधानी में हिंसा भड़काने और सरकार को अस्थिर करने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA) की सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
फरवरी 2020 में हुई हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई और 700 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे। शरजील इमाम जनवरी 2020 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में हैं। हालांकि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज कई अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन FIR 59/2020 से जुड़ी उनकी नियमित जमानत याचिकाएं UAPA के कड़े प्रावधानों के कारण ट्रायल कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी हैं।