
Shashi Tharoor on Indian Democracy: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत में हुए हालिया Gen Z विरोध प्रदर्शनों को लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती पर बात की है। उन्होंने कहा कि भारत का राजनीतिक सिस्टम दबाव में आया, लेकिन टूटा नहीं। थरूर ने यह बात NDTV एक कार्यक्रम में दक्षिण एशिया की राजनीतिक व्यवस्थाओं और Gen Z के विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा के दौरान कही। उन्होंने भारत की स्थिति की तुलना उन दूसरे देशों से की, जहां हाल के सालों में युवाओं ने बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर विरोध किया।
छह दक्षिण एशियाई देशों में हुए Gen Z प्रदर्शन
थरूर ने कहा कि पिछले करीब एक दशक में दक्षिण एशिया के छह प्रमुख देशों में युवाओं के बड़े प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इनमें म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और भारत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रदर्शनों के पीछे अलग-अलग मुद्दे रहे, लेकिन इनमें Gen Z के गुस्से की झलक दिखाई दी। थरूर के मुताबिक, इन देशों के राजनीतिक सिस्टम और सरकारों ने इन विरोध प्रदर्शनों का अलग-अलग तरीके से सामना किया।
थरूर ने कहा कि बांग्लादेश और श्रीलंका में हालात ऐसे बने कि वहां के शासकों को सत्ता छोड़कर जाना पड़ा। इसके बाद नई सरकारें सत्ता में आईं। उन्होंने नेपाल का भी उदाहरण दिया। थरूर के मुताबिक, वहां भी विरोध के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और फिर चुनाव के जरिए नई सरकार बनी। पाकिस्तान और म्यांमार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां राजनीतिक संकट का जवाब अलग तरीके से दिया गया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान में सेना ने हस्तक्षेप किया और म्यांमार में भी सेना ने सत्ता संभाल ली।
थरूर ने कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में हालात के मुताबिक खुद को सुधारने और जनता की आवाज पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता है। उनके मुताबिक, भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था ने Gen Z के विरोध से पैदा हुई नई राजनीतिक स्थिति को तेजी से पहचाना और उसके अनुसार प्रतिक्रिया दी। थरूर ने कहा कि मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था की वजह से सरकार को युवा प्रदर्शनकारियों की मांगों पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की बड़ी ताकत बताया।
थरूर ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करता रहा था। उन्होंने दावा किया कि ऐसी मांगों पर पहले कोई खास प्रतिक्रिया नहीं हुई। लेकिन Gen Z के विरोध के बाद एक मंत्री का इस्तीफा हुआ। थरूर ने कहा कि लोकतंत्र को जनता के बदलते मूड और राजनीतिक वास्तविकता को पहचानकर उसके अनुसार प्रतिक्रिया देने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही भारतीय राजनीतिक व्यवस्था की खासियत है।
थरूर ने अंत में कहा कि हमारा सिस्टम झुका, लेकिन टूटा नहीं। उनके मुताबिक, यही भारत और उन देशों के बीच बड़ा अंतर है जहां Gen Z के विरोध के बाद राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि एक विपक्षी नेता के तौर पर युवाओं के गुस्से पर भारतीय राजनीति की प्रतिक्रिया उन्हें आगे के लिए उम्मीद देती है। थरूर के मुताबिक, भारत का उदाहरण दिखाता है कि लोकतंत्र में लोकप्रिय भावनाओं के अनुसार खुद को बदलने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता मौजूद है।