राष्ट्रीय

India-US Trade Deal पर शशि थरूर का आया बयान, ‘यह अच्छी खबर है तो हम जरूर सेलिब्रेट करेंगे, लेकिन हमें…’

India-US trade deal: भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान आया है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील होना सकारात्मक है, लेकिन डील को लेकर पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर

3 min read
Feb 03, 2026
कांग्रेस नेता शशि थरूर (फोटो- एएनआई)

India-US trade deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर भारतीय किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने सरेंडर कर दिया। वहीं, विदेश नीति पर मोदी सरकार का साथ देने वाले कांग्रेस सांसद व पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने भी सवाल उठाए हैं।

ये भी पढ़ें

भारत पर 500% टैरिफ लगाने की धमकी देने वाले अमेरिकी सांसद के बदले सुर, अब भारत की कर रहे तारीफ

पूरी जानकारी देश के सामने रखे मोदी सरकार

शशि थरूर ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया। यह हमारे लिए सकारात्मक बात है, लेकिन केंद्र सरकार को व्यापार समझौते को लेकर पूरी जानकारी देश के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की तरफ से दावा किया जा रहा है कि इस डील में कृषि क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। जिससे अमेरिकी कृषि उत्पादों को अब 140 करोड़ आबादी का बड़ा बाजार मिलेगा।

व्यापार समझौता में क्या क्या है?

ANI संग बातचीत में थरूर ने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि असल में व्यापार समझौता में क्या-क्या है? विपक्ष, मोदी सरकार से समझौते को लेकर स्पष्टता की मांग कर रहा है। थरूर ने कहा कि हमारे पास ट्रंप का ट्वीट और मोदी का ट्वीट है। क्या संसदीय लोकतंत्र में यह काफी है? क्या भारत सरकार को सामने आकर देश के लोगों को यह नहीं बताना चाहिए कि डील में क्या है?

किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए?

थरूर ने भारतीय किसानों और ट्रेड पर डील के असर पर सवाल उठाते हुए पूछा कि एग्रीकल्चर के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं। क्या भारत को दूसरे देशों से अपने इंपोर्ट में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौता अच्छी खबर है। उसका स्वागत है, लेकिन सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मिस्टर ट्रंप कहते हैं कि यह एग्रीकल्चर के लिए है, तो भारतीय किसानों के लिए क्या सुरक्षा उपाय हैं? मिस्टर ट्रंप कहते हैं 500 बिलियन डॉलर, हमारा पूरा इंपोर्ट बिल 700 बिलियन डॉलर है, तो क्या हम हर दूसरे देश से खरीदना बंद कर देंगे? अगर यह अच्छी खबर है तो हम जरूर सेलिब्रेट करेंगे, लेकिन हमें क्लैरिटी दें।

सीजफायर की तरफ ट्रंप ने ट्रेड डील की घोषणा की

इससे पहले दिन में कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की पूरी डिटेल्स की मांग की। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों जैसे एग्रीकल्चर सेक्टर को खोलने, टैरिफ को "जीरो" करने और रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने जैसे कई अहम पहलुओं पर सवाल उठाए।

कांग्रेस ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को 'जीरो' करने से भारत पर "असर" पड़ेगा और यह भी सवाल उठाया कि एग्रीकल्चर सेक्टर को खोलने से "किसानों की सुरक्षा" कैसे सुनिश्चित होगी। कांग्रेस ने कहा कि सीजफायर की तरह, ट्रेड डील की घोषणा भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की। यह कहा गया है कि ट्रेड डील 'मोदी के अनुरोध पर' की जा रही है।

ऐसा लगता है कि मोदी सरकार ने बाजार खोलने पर सहमति दे दी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ट्रंप कहते हैं कि भारत अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करके 'जीरो' कर देगा। ऐसा लगता है कि भारत ने अमेरिका के लिए अपना बाजार पूरी तरह से खोलने पर सहमति दे दी है। इससे भारतीय उद्योग, व्यापारियों और किसानों पर असर पड़ेगा। बयान में कृषि क्षेत्र को भी अमेरिका के लिए खोलने की बात कही गई है। आखिर यह डील क्या है? हमारे किसानों की सुरक्षा और हितों को कैसे सुनिश्चित किया गया है? उन्होंने पूछा। कांग्रेस ने पीएम मोदी सरकार से ट्रंप के दावे के मुताबिक, रियायती रूसी तेल की खरीद बंद करने के समझौते पर भी सवाल उठाया।

Published on:
03 Feb 2026 02:07 pm
Also Read
View All

अगली खबर