
पश्चिम बंगाल में पूर्वोत्तर का सियासी मॉडल (Photo - AI Generated)
पश्चिम बंगाल की राजनीति (West Bengal Politics) में मुकाबला अब सिर्फ बीजेपी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस - टीएमसी (Trinamool Congress - TMC) के बीच सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं रह गया है। बीजेपी की रणनीति राज्य में अपना वोट शेयर 50% से ऊपर ले जाने की है। राजनीतिक हलकों का मानना है कि इसके लिए पार्टी संगठन विस्तार के साथ-साथ विपक्ष में पैदा हो रहे बदलावों को भी अवसर के रूप में देख रही है। अगर बीजेपी यह लक्ष्य हासिल कर लेती है और विपक्ष लंबे समय तक बंटा रहता है, तो बंगाल की राजनीति का ढांचा भी पूर्वोत्तर के कई राज्यों की तरह बदल सकता है, जहाँ समय के साथ विपक्ष कमजोर होता गया और सत्ता के खिलाफ मजबूत विकल्प लगभग समाप्त हो गया।
करीब डेढ़ महीने पहले सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। ऋतव्रत बनर्जी के नेतृत्व में 65 विधायकों ने खुद को असली टीएमसी बताते हुए अलग दावा पेश किया, जबकि 20 सांसदों ने एक अन्य पार्टी का दामन थामने की घोषणा कर दी। इससे ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीजेपीनहीं, बल्कि अपनी पार्टी को एकजुट रखने की बन गई है। असली टीएमसी को लेकर मामला चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है। इस बीच बीजेपी बिना बड़े राजनीतिक प्रतिरोध के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी है।
टीएमसी में टूट के बाद बीजेपी की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। पूर्व सीएम ममता लगातार आरोप लगा रही हैं कि पार्टी में विभाजन सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। बीजेपी इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करती है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा जारी है कि बंगाल में वही रणनीति अपनाई जा रही है, जिसने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में विपक्ष की राजनीति का स्वरूप बदल दिया था।
टीएमसी से अलग हुए 20 सांसद बीजेपी/एनडीए के साथ जाने का ऐलान कर चुके हैं, जबकि 65 विधायक खुद को असली विपक्ष बता रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि दोनों गुटों की राजनीतिक दिशा अलग होने पर ममता विरोधी राजनीति किस रूप में आगे बढ़ेगी। नेता प्रतिपक्ष ऋतव्रत ने कहा है कि असली विपक्ष वही हैं और एसआईआर जैसे मुद्दे उनकी प्राथमिकता हैं। हालांकि बीजेपी/एनडीए के साथ गए सांसदों के साथ तालमेल के सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ऐसे में टीएमसी के अंदर दो गुटों में आंतरिक लड़ाई जारी है।
Updated on:
08 Jul 2026 03:10 am
Published on:
08 Jul 2026 03:10 am
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