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बढ़ते विरोध और तकनीकी चिंताओं के कारण सरकार टाल सकती है E20 से E25 की ओर बढ़ने का फैसला

सरकार फिलहाल के लिए E20 फ्यूल से E25 फ्यूल की ओर बढ़ने का फैसला टाल सकती है। क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Jul 08, 2026

E20 and E25 fuel

सरकार टाल सकती है E20 से E25 की ओर बढ़ने का फैसला (Representational Photo)

E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ते विरोध और तकनीकी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार पेट्रोल में 25% एथेनॉल यानी E25 मिश्रण लागू करने का फैसला फिलहाल टाल सकती है। पुराने वाहनों में माइलेज घटने और पुर्जों के नुकसान की शिकायतों के बीच सरकार जल्दबाजी से बचने के पक्ष में है। पिछले 6 सप्ताह में 22-30% एथेनॉल मिश्रित फ्यूल पर उत्पाद शुल्क छूट और बीआईएस मानक अधिसूचित होने से E25 की तैयारी के संकेत मिले थे, लेकिन हाल की उच्चस्तरीय बैठक में उपभोक्ताओं की चिंताओं के वैज्ञानिक समाधान, वाहन निर्माताओं की तैयारी और पूरे इकोसिस्टम की क्षमता पर जोर दिया गया।

चरणबद्ध तरीके से होगी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार सरकार अब E20 से E25 की ओर बढ़ने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से करना चाहती है। सरकार का कहना है कि एथेनॉल से कार्बन उत्सर्जन और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटती है, लेकिन पुराने वाहनों में माइलेज, इंजन, फ्यूल सिस्टम और रबर पुर्जों पर असर की आशंकाओं का समाधान किए बिना E25 लागू नहीं किया जाएगा।

एहतियात के पक्ष में सरकार

सरकार का मानना है कि E20 से E25 की ओर बढ़ने का फैसला जल्दबाजी में नहीं होना चाहिए। वाहन निर्माताओं को तकनीकी तैयारी, परीक्षण और प्रमाणन के लिए पर्याप्त समय देने के साथ उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान भी ज़रूरी है, जिससे नए मिश्रण के लागू होने पर किसी तरह की परेशानी न हो।

केजरीवाल का आरोप, कंपनियों पर दबाव बनाया गया

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party - AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 6 प्रमुख वाहन कंपनियों पर E20 के पक्ष में सार्वजनिक बयान देने का दबाव बनाया। उनके अनुसार तीन कंपनियों ने ऐसा करने से इनकार किया, जबकि तीन ने सरकार के दावे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और कंपनियों को पत्र लिखकर नुकसान की स्थिति में मुआवजे की लिखित गारंटी मांगेंगे और E20 को वैकल्पिक बनाने की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल पंपों पर E20, E10 और E0 (बिना एथेनॉल) फ्यूल का विकल्प मिलना चाहिए जिससे ग्राहक खुद चुन सके कि उन्हें कौनसा फ्यूल अपने वाहन में भरवाना है।