
India Sri Lanka Relations: संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि श्रीलंका और बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध देश की पड़ोस नीति के सबसे अहम मुद्दों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समिति ने भारत-श्रीलंका संबंधों पर विस्तृत समीक्षा पूरी कर ली है और अब इस विषय पर रिपोर्ट का मसौदा तैयार कर संसद में पेश किया जाएगा।
मंगलवार को विदेश मामलों की स्थायी समिति की बैठक में भारत-श्रीलंका संबंधों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद शशि थरूर ने कहा कि समिति लंबे समय से इस मुद्दे पर काम कर रही है। पिछले साल विदेश सचिव ने समिति को इस विषय पर जानकारी दी थी। वहीं, इस साल श्रीलंका में काम कर चुके पूर्व भारतीय राजनयिकों और अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने सुझाव दिए। हालिया बैठक में दोनों देशों के संबंधों में हुए नए घटनाक्रमों की भी समीक्षा की गई।
थरूर ने बताया कि हालिया बैठक इस विषय पर समिति की अंतिम बैठक थी। अब सचिवालय को भारत-श्रीलंका संबंधों पर रिपोर्ट का मसौदा तैयार करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद समिति उस मसौदे को मंजूरी देगी और रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल समिति की चार अन्य रिपोर्टें भी लंबित हैं। इनके मसौदे तैयार होने के बाद बैठकों में उन्हें अपनाया जाएगा। थरूर ने कहा कि समिति भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े सभी अहम मुद्दों और चिंताओं पर गंभीरता से काम कर रही है।
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि इस बार समिति की बैठक में पाकिस्तान पर चर्चा नहीं हुई, क्योंकि इस विषय पर हाल ही में रिपोर्ट पेश की जा चुकी है और वह अभी भी प्रासंगिक है। हालांकि विदेश सचिव समय-समय पर समिति को पाकिस्तान से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की जानकारी देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि चीन पर भी फिलहाल नई रिपोर्ट तैयार करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इस विषय पर पहले से मौजूद रिपोर्ट अभी भी प्रभावी मानी जा रही है।
थरूर ने कहा कि भारत की पड़ोस नीति में श्रीलंका और बांग्लादेश का विशेष महत्व है। ऐसे में समिति दोनों देशों से जुड़े सभी रणनीतिक, कूटनीतिक और द्विपक्षीय मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उनका कहना था कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद संसद के सामने इन संबंधों से जुड़े प्रमुख निष्कर्ष और सुझाव रखे जाएंगे।