Indian Railway 100 शताब्दी और जन शताब्दी ट्रेनों को अपग्रेड करेगा। सीट, वॉशरूम, चार्जिंग, CCTV और डिजिटल सिस्टम बेहतर होंगे, ताकि यात्रियों को एयरलाइन जैसा आरामदायक अनुभव मिल सके।
Indian Railway: भारतीय रेलवे शताब्दी और जन शताब्दी ट्रेनों को पूरी तरह नया रूप देने जा रहा है। करीब 100 ट्रेनों को अपग्रेड कर यात्रियों को एयरलाइन जैसा अनुभव देने की तैयारी है। इस योजना के तहत सीट, वॉशरूम, मोबाइल चार्जिंग, स्नैक टेबल और कोच के अंदरूनी ढांचे में सुधार किया जाएगा। झटकों को कम करने और सफर को स्मूद बनाने पर भी काम होगा। साथ ही डिजिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम और CCTV से सुरक्षा मजबूत की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को ट्रेनों की जांच कर सुधार योजना बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रियों को साफ, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिल सके।
रेलवे बोर्ड का साफ कहना है कि अब सिर्फ ट्रेन चलाना ही नहीं, बल्कि यात्रा को आरामदायक बनाना भी प्राथमिकता है। 23 अप्रैल के आदेश में कहा गया है कि इन ट्रेनों की हालत बेहतर रखने के साथ-साथ उन चीजों को सुधारा जाए जो सीधे यात्रियों से जुड़ी हैं। इसी के तहत सभी रेलवे जोनों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी-अपनी ट्रेनों की गहराई से जांच करें और सुधार का पूरा प्लान तैयार करें।
इस अपग्रेड का सबसे बड़ा असर ट्रेनों के अंदर दिखेगा। वॉशरूम की हालत सुधारने पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसमें दरवाजों की फिटिंग, लॉक सिस्टम, वॉशबेसिन, फ्लश और ड्रेनेज सिस्टम को नया किया जाएगा। साथ ही सीटों की गद्दी, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, स्नैक टेबल, फुटरेस्ट और आर्मरेस्ट जैसी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा। यात्रियों को अब ज्यादा आरामदायक और साफ-सुथरा माहौल मिलेगा।
ट्रेन में सफर के दौरान झटकों की शिकायत भी आम रही है। रेलवे अब इस पर भी काम करेगा। कोच के अंदर और डिब्बों को जोड़ने वाले हिस्सों में सुधार किया जाएगा, ताकि यात्रा ज्यादा स्मूद हो सके। इसके अलावा ओवरहेड पैनल और अंदरूनी ढांचे को भी मजबूत और आधुनिक बनाया जाएगा।
रेलवे सिर्फ सुविधाएं ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी पर भी जोर दे रहा है। ट्रेनों में डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा ताकि यात्रियों को सही समय पर जानकारी मिल सके। इसके साथ ही CCTV कैमरों को भी बेहतर किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और निगरानी मजबूत होगी। सिर्फ अंदर ही नहीं, ट्रेनों के बाहर का रूप भी बदला जाएगा। कोच की बाहरी डिजाइन, खिड़कियों के शीशे और डेस्टिनेशन बोर्ड को नया और आकर्षक बनाया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों को एक प्रीमियम अनुभव मिलेगा और ट्रेनों की पहचान भी मजबूत होगी।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों से कहा है कि वे पहले ट्रेनों की कमियों का पूरा आकलन करें और फिर तय समय में सुधार का काम शुरू करें। योजना को जल्द ही लागू करने की तैयारी है, ताकि यात्रियों को जल्दी इसका फायदा मिल सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में शताब्दी और जन शताब्दी जैसी ट्रेनों को आधुनिक बनाना जरूरी हो गया है।