
बुलेट ट्रेन। फोटो - AI
बिहार में ‘प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन’ को लेकर रेलवे ने सर्वे टीम का गठन कर लिया है। रेलवे हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सूत्रों के अनुसार, जुलाई-अगस्त से सर्वे का काम शुरू होगा और इसे चालू वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना के तहत उत्तरी और पूर्वी भारत में वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक 744 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। बुलेट ट्रेन बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगी।
परियोजना शुरू होने के बाद पटना से दिल्ली और पटना से सिलीगुड़ी की यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी। यह बुलेट ट्रेन बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हाथीदह, बेगूसराय, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज के रास्ते गुजरेगी।
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से हावड़ा के बीच 1,669 किलोमीटर की दूरी महज साढ़े 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी। वहीं, पटना से दिल्ली तक करीब 1,000 किलोमीटर का सफर केवल 4 घंटे में तय होगा।बिहार में बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को तैयार किया जा रहा है।
रेलवे हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सूत्रों के अनुसार, बुलेट ट्रेन पटना जिले के 58 गांवों से होकर गुजरेगी। सीओ के निर्देश पर राजस्व कर्मचारियों ने प्रस्तावित रूट से जुड़े इन सभी 58 गांवों की रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है।
बुलेट ट्रेन के लिए दो अतिरिक्त हाई-स्पीड ट्रैक बिछाए जाएंगे, जो पूरी तरह अलग और विशेष होंगे। रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रैक के आसपास सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि जिन इलाकों से बुलेट ट्रेन गुजरे, वहां रहने वाले लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। रेलवे जमीन अधिग्रहण को लेकर जिन रैयतों से बातचीत कर रहा है, उन्हें इस व्यवस्था की जानकारी भी दी जा रही है।
पटना से सटे बिहटा में बुलेट ट्रेन के लिए स्टेशन बनने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले रेलवे हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने पटना एम्स के पास स्टेशन निर्माण के लिए पटना जिला प्रशासन से 21 एकड़ जमीन की मांग की थी। हालांकि, अब बिहटा के पास स्टेशन बनाने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए यहां भी करीब 21 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है।
Updated on:
11 Apr 2026 11:37 am
Published on:
11 Apr 2026 11:25 am
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