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Gas Crisis: गैस संकट ने बिगाड़ा बजट, दिल्ली से पटना लौटने लगे लाखों प्रवासी मजदूर

Gas Crisis: गैस संकट के कारण दिल्ली में काम करने वाले बिहार के प्रवासी मजदूर अब अपने घर लौटने लगे हैं। दिल्ली और मुंबई से पटना पहुंचे मजदूरों का कहना है कि वे गांव में चूल्हे पर खाना बनाकर गुजारा कर लेंगे। उनका कहना है कि दिल्ली में गैस की किल्लत के कारण उन्हें कई बार भूखे रहने तक की नौबत आ गई थी।

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गैस संकट ने बिगाड़ा बजट, पटना लौटने लगे लाखों प्रवासी मजदूर। फोटो- facebook- Rahul Gandhi

Gas Crisis पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर सूरज तेज़ी से चमक रहा था, तभी दोपहर 12.30 बजे के कुछ ही देर बाद नई दिल्ली से आई मगध एक्सप्रेस धीरे-धीरे स्टेशन में दाखिल हुई। पसीने से लथपथ यात्री अपने बैग और सामान थामे डिब्बों से बाहर निकले; उनके चेहरों पर उस सफ़र की थकान साफ़ झलक रही थी, जो पिछली शाम को देश की राजधानी में शुरू हुआ था। इन यात्रियों में से एक मसौढ़ी के रहने वाले 32 साल के राजेश मांझी, जो पिछले आठ सालों से दिल्ली में दिहाड़ी मज़दूर के तौर पर कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे थे। एक डिब्बे के दरवाज़े पर खड़े मांझी अपने तीन साल के बेटे को एक हाथ से थाम रखा था; बेटा उनके कंधे से टिककर सो गया था। उनके दूसरे हाथ में कपड़ों और बर्तनों से भरा एक पुराना सा कपड़े का थैला था। उनकी पीठ पर एक छोटा सा बैकपैक टंगा हुआ था। उनकी पत्नी, जो उनसे कुछ ही कदम आगे उतरी थीं, बच्चे को लेने के लिए पीछे मुड़ीं; पासवान ने अपने कंधे पर टंगे थैले को ठीक किया और फिर प्लेटफॉर्म पर कूदकर उतर गए।

मजबूरी में दिल्ली छोड़ गांव लौटा मजदूर

“आप दिल्ली से पटना क्यों लौट आए?” इस सवाल पर उन्होंने माथे का पसीना पोंछते हुए कहा, “वहाँ गैस नहीं मिल रही थी, इसलिए वापस आना पड़ा। दिल्ली में जो छोटा सिलेंडर पहले 10-12 दिन चल जाता था, अब वह बाजार में 300-350 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है। जब काम अच्छा रहता है, तो मैं रोज़ 600-650 रुपये कमा लेता हूँ, लेकिन किराया, खाने-पीने का खर्च और घर पैसे भेजने के बाद कुछ भी नहीं बचता। यहाँ कम से कम गाँव में लकड़ी या गोबर के उपलों से चूल्हा जलाकर काम चला सकते हैं।”

LPG संकट से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी

पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफॉर्मों पर मांझी जैसी कई और कहानियां सुनने को मिलती हैं। यह उन तरीकों में से एक है, जिनसे ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच जारी तनाव—जो अब पूरे पश्चिम एशिया तक फैल चुका है—का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। देश के कई शहरों में एलपीजी की सप्लाई में कमी और ब्लैक मार्केट में बढ़ती कीमतों के कारण बिहार के सैकड़ों प्रवासी मजदूर अपनी सीमित कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च करने के बजाय घर लौटना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं।

सरकार का दावा: गैस की कमी नहीं

इस बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस की कोई बड़ी कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के कारण सप्लाई पर कुछ असर पड़ा है, लेकिन किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास गैस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मंत्रालय के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी हुई है और डिलीवरी की पुष्टि की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। बुधवार को पूरे देश में 55 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त गैस की खरीदारी न करें।