
खान सर (फाइल फोटो)
Patna Coaching Clash ‘मैं पठान का बच्चा हूं, जिस दिन 5000 बच्चे हो जाएंगे, 50 लाख का हिसाब खुद करके दूंगा।’ खान सर के इस भरोसे पर हमने अपना सब काम छोड़कर नए कोचिंग को आगे बढ़ाने में दिन-रात मेहनत की। लेकिन, खान सर बुलंदियों पर पहुंचने के बाद सबसे पहले मुझे ही धोखा दिया। खान सर के पूर्व सहयोगी निखिल सर ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत में यह बातें कही। उन्होंने बताया कि वंदना मैम से विवाद के बाद उन्होंने खान सर को 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से क्लास लेने का मौका दिया था। लेकिन, बाद में उनकी मेहनत देखकर 70:30 के रेशियो पर पार्टनरशिप कर ली गई, जिसमें 70% हिस्सा खान सर का और 30% हिस्सा उनका था, जिससे वे किराया और स्टाफ का खर्च निकालते थे। निखिल सर के अनुसार, यही उनका सबसे बड़ा निर्णय और गलती साबित हुई।
उन्होंने खान सर पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस कोचिंग साम्राज्य पर खान सर आज राज कर रहे हैं, वह असल में दबाव और कथित धोखाधड़ी के जरिए मुझसे हड़पा गया है। निखिल सर ने फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर दावा किया कि जब वे पहली बार पटना के मुसल्लहपुर हाट में आए थे, तब उनकी स्थिति बहुत सामान्य थी। वे वंदना मैम की कोचिंग में 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पढ़ाते थे, जहां से विवाद के बाद उन्हें निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने खान सर को अपने कोचिंग संस्थान में काम करने का अवसर दिया।
निखिल सर के अनुसार, जब कोचिंग में बच्चों की संख्या बढ़ने लगी तो किसान कोल्ड स्टोरेज के पास एक बड़ा सेंटर लिया गया। उन्होंने दावा किया कि उस समय वे इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे, लेकिन खान सर ने भरोसा दिलाते हुए अपने ‘अब्बा की कसम’ खाई और लिखित में यह आश्वासन दिया कि वे कभी धोखा नहीं देंगे।
उन्होंने आगे कहा कि खान सर ने यह भी कहा था, “मैं पठान का बच्चा हूं, जिस दिन 5000 बच्चे हो जाएंगे, 50 लाख का हिसाब खुद कर दूंगा।” इसी भरोसे के चलते उन्होंने अपने अन्य सेंटर छोड़कर पूरा ध्यान इसी कोचिंग संस्थान पर केंद्रित कर दिया।
निखिल ने आगे कहा कि जैसे-जैसे फैजल खान उर्फ खान सर की लोकप्रियता बढ़ी, उनके व्यवहार में भी बदलाव आने लगा। उनके अनुसार, वर्ष 2019 के आसपास कथित तौर पर दबाव बनाया गया और डराने-धमकाने तथा ‘पिस्तौल’ के दम पर उनसे जबरन यह लिखवाया गया कि कोचिंग खान सर की है। निखिल का दावा है कि कोचिंग वास्तव में उनकी थी, लेकिन उस समय बढ़ते दबदबे के कारण वे विरोध नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट और मिस्त्रियों के बयान जैसे कई दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, जो उनके दावे को साबित करते हैं, लेकिन दबाव की वजह से वे पीछे हट गए।
उन्होंने यह भी कहा कि अब वे कानूनी सलाह ले रहे हैं और वकीलों की मदद से मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही उनका आरोप है कि इस जानकारी के सामने आने के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने थाने में भी दर्ज कराई है।
Updated on:
12 Jun 2026 11:22 am
Published on:
12 Jun 2026 10:55 am
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