
परिमल नाथवानी ( फाइल फोटो)
झारखंड में राज्य सभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ा हुआ है। गुरुवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद अब चुनाव मैदान में झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी हैं। एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमे की बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस मामले में शिकायत केंद्रीय चुनाव आयोग या फिर सुप्रीम कोर्ट में करने की तैयारी पर विचार कर रहा है। साथ ही पार्टी अपने वोट बैंक को एकजुट और सुरक्षित रखने पर भी लगातार काम कर रही है।
इधर, निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी की नजर इंडिया ब्लॉक के कमजोर विधायकों पर टिकी हुई है। जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। वर्तमान में एनडीए के पास 24 वोट हैं, जबकि जीत के लिए 28 वोटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचना जरूरी है।
कांग्रेस अपने वोटों की गोलबंदी के लिए घटक दलों के नेताओं से लगातार संपर्क में है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस संबंध में राजद नेता तेजस्वी यादव और माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य से बातचीत की है। सभी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में एकजुट होकर मतदान करने की अपील की गई है। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को इस मुद्दे पर दिल्ली में कांग्रेस की एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ-साथ झारखंड से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और प्रदेश प्रभारी के. राजू विशेष रूप से मौजूद थे।
बैठक के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने स्क्रूटनी के बाद उत्पन्न विवाद को लेकर एक रिपोर्ट भी पार्टी नेतृत्व को सौंपी। इस रिपोर्ट में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पर पार्टी द्वारा दर्ज आपत्तियों और उसके बाद बनी परिस्थितियों की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी गई।
Updated on:
12 Jun 2026 10:43 am
Published on:
12 Jun 2026 08:44 am
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