
Cockroach Janta Party: पेपर लीक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को केवल संदेश जारी करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलकर उनका भरोसा जीतना चाहिए था। जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इस मामले में सरकार और भी कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर यह भी जानकारी दी कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कदमों पर अगले दिन कैबिनेट में चर्चा होगी। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने यह पहल पहले की होती, तो लोगों को विश्वास होता कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि देशभर में पेपर लीक की कई घटनाएं हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे समय में प्रधानमंत्री को कम से कम एक बार छात्रों से मिलकर उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने धूप, बारिश और कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार की ओर से उनके प्रति संवेदना नहीं दिखाई गई। सिन्हा ने यह भी कहा कि सरकार को अपने कदमों से भरोसा कायम करना चाहिए।
टीएमसी सांसद ने कहा कि अभी तक पुराने मामलों का भी पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है। उनका आरोप था कि लगातार हुई पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी साख बहाल करने के लिए जो भी आश्वासन दिया है, उसे प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई कदम उठाए हैं और पेपर लीक मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस समस्या के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस संबंध में कैबिनेट स्तर पर भी चर्चा की जाएगी।