
शहजाद पूनावाला आज भाजपा से अलग हो गए। उन्होंने पार्टी में राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया। दिलचस्प बात यह है कि पार्टी छोड़ने के बाद भी उनका भाजपा से मोह भंग नहीं हुआ है।
वह दोपहर से लगातार भाजपा के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। आज आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन और चार अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस पर शहजाद ने लगातार भाजपा के समर्थन में दो प्रतिक्रियाएं दी हैं।
ताजा बयान में उन्होंने आप की महिला नेता प्रियंका कक्कर को घेरा है। दरअसल, प्रियंका ने दोपहर में तंज कसते हुए ट्वीट किया था कि शहजाद पूनावाला भाजपा से यह कह रहे हैं कि मैं अपना इस्तीफा वापस ले लूंगा, लेकिन वादा कीजिए कि आप मुझसे बर्तन नहीं धुलवाएंगे।
प्रियंका के इस बयान पर शहजाद पूनावाला ने तीखा पलवार किया है। प्रियंका के एक पुराने बयान का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
प्रियंका ने साल 2020 में ताहिर हुसैन के समर्थन में एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि मैं ताहिर के लिए जब भी जरूरत हो 'कैरेक्टर विटनेस' (चरित्र गवाह) बनने को तैयार हूं।
प्रियंका के पुराने बयान का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए शहजाद ने लिखा- जब मेरी मां मेरी परवरिश कर रही थीं, तो उन्होंने कई दिनों तक घर के बर्तन खुद साफ किए और मुझे यह भी सिखाया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। चाहे बर्तन धोना हो, घर की सफाई हो या फर्श पोंछना—हर काम ईश्वर की सेवा जैसा है। मैं उन लोगों का भी सम्मान करता हूं जो बर्तन साफ करते हैं।
पूनावाला ने आगे यह भी लिखा कि बीजेपी ने मुझे अपने ऑफिस में गर्व और प्यार के साथ खाना खिलाया, बिल्कुल एक परिवार की तरह। और बीजेपी ने मुझसे कभी ताहिर हुसैन जैसे आतंकवादी के लिए 'कैरेक्टर विटनेस' (चरित्र गवाह) बनने को नहीं कहा। ऐसी हरकतें तो उन 'मुफ्तखोर' पार्टियों में ही होती हैं।
पूनावाला ने इससे पहले भी ताहिर हुसैन के खिलाफ एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा कि कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कहा- पीड़ित की मौत के बाद भी हमला जारी रहा, यह बेरहमी से की गई हत्या थी।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि इसे 'दुर्लभतम मामलों में से एक' माना जाए। पूनावाला ने कहा- ताहिर हुसैन को फांसी होनी चाहिए थी। इससे कम कुछ भी नहीं। उम्रकैद क्यों?