
Karnataka Politics: कर्नाटक के मंत्री और पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने मंगलवार को कहा कि उनके पिता 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन सक्रिय राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया आगे भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया के बेटे ने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ते समय ही उन्होंने साफ कर दिया था कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे और वंचित तथा कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
इस दौरान उन्होंने कैबिनेट में होने वाले विस्तार को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री, उनके पिता सिद्धारमैया और अन्य वरिष्ठ नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया है। बैठक के बाद ही यह तय होगा कि किन नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।
यतींद्र ने अपने पिता सिद्धारमैया के हाशिए पर जाने की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है।अगर उन्हें दरकिनार किया गया होता तो हाईकमान कैबिनेट विस्तार जैसे अहम मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें नहीं बुलाता। यह खुद इस बात का प्रमाण है कि पार्टी में उनकी भूमिका अब भी महत्वपूर्ण है।
बता दें कि कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने पिछले दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने इसकी वजह मौजूदा राजनीति का भ्रष्ट होता माहौल, बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारण बताए।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- आज राजनीति का क्षेत्र भ्रष्ट हो गया है, इसलिए मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा। हालांकि, राजनीति में सक्रिय रहते हुए मैं जनता के सुख-दुख और उनके मुद्दों की आवाज बनकर काम करता रहूंगा।
बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश में सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान भी खत्म कर दी है। सिद्धारमैया को हटाकर डीके शिवकुमार को सीएम बनाया गया। दरअसल, विधानसभा चुनाव जीतने के बाद आलाकमान ने दोनों नेताओं ने ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला लागू किया था। प्रदेश में ढाई साल पूरा होने के बाद डीके गुट ने शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग तेज कर दी थी।